सोरम गांव में भिड़े थे किसान और बीजेपी कार्यकर्ता, अब केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कही ये बात
मुजफ्फरनगर। सोरम गांव में सोमवार (22 फरवरी) को किसान और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई थी। इस मारपीट में कई किसानों को चोटें भी आई थी। वहीं, अब इस घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का बयान सामने आया है। संजीव बालियान ने कहा, 'मेरे खिलाफ एकजुट होने के लिए मस्जिद से ऐलान कर भीड़ जुटाई गई और मेरे समर्थकों से मारपीट की गई। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के ऊपर पर आरोप लगाए। तो वहीं, मंगलवार को रालोद अध्यक्ष अजीत सिंह भी सोरम और शाहपुर गांव घायल किसानों से मिलने पहुंचे थे।

Recommended Video
सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर प्रेस वार्ता करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने रालोद और समाजवादी पार्टी के ऊपर माहौल खराब करने का आरोप लगाया। कहा कि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के परिवार के कुछ लोगों ने मेरे साथ भैंसवाल में दुर्व्यवहार किया। कहा कि सोरम गांव में राजबीर सिंह की तेरहवीं थी, मैं सांसद होने के नाते इस दुख की घड़ी में परिवार के बीच गया था। तभी वहां मौजूद रालोक कार्यकार्ताओं ने भी मेरे साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि रस्म तेरहवीं के दौरान ही रालोद के चार-पांच कार्यकर्ताओं ने जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
जिस पर ग्रामीणों ने उन्हें समझाया तो आपस में टकराव हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग कर दिया। कहा कि मेरे खिलाफ मस्जिद से एलान कर भीड़ एकत्र की गई और माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। कहा कि दिल्ली हिंसा में लाल किले पर मौजूद नेता ही यहां सोरम में भी मौजूद थे। इस घटना से बेहद दुखी हूं। मैं जांच के लिए तैयार हूं और निष्पक्ष जांच हो। मैं घटना से बहुत दुखी हूं। समाज को कभी बंटता नहीं देख सकता।
क्या था मामला
दरअसल, सोमवार को संजीव बालियान शाहपुर क्षेत्र के गांव सोरम में रस्म तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे थे। संजीव बालियान को देखते ही वहां मौजूद गांववालों ने किसान यूनियन जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिसके बाद भाजपा और रालोद समर्थक आपस में भिड़ गए। गांववालों का आरोप है कि नारे लगे तो संजीव बालियान के समर्थक भिड़ गए और लाठी डंडों से पिटाई कर दी। हालांकि, इस घटना के बाद प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
नरेश टिकैत ने किया था ये आह्वान
बता दें, भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भाजपा नेताओं को शादी और तेरहवीं की चिट्ठी नहीं देने का आह्वान किया था। अब उनके आह्वान के कारण गांवों में टकराव के हालात पैदा होने लगे हैं। गांवों में भाजपा नेताओं के विरोध होने भी शुरू हो गए हैं।












Click it and Unblock the Notifications