केरल सरकार का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा मुज़फ्फरनगर, पीड़ित छात्र से कहा- 'हम कराएंगे तुम्हारी पढाई'

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में छात्र की पिटाई के मामले में नेतानगरी अपनी राजनैतिक रोटियां सेकने में लगी हुई है। बुधवार को केरल सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल खुब्बापुर गांव में पीडित छात्र और उसके परिवार से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से केरल सरकार में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया से कानपुर की पूर्व सांसद सुभाषिनी अली मौजूद रही।

इस दौरान जॉन ब्रिटास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "केरल के चीफ मिनिस्टर ने स्टेटमेंट देते हुए कहा कि इस फैमिली के साथ हम हैं और केरल के शिक्षा मंत्री ने बोला है अगर इस बच्चे को शिक्षा चाहिए तो इस बच्चे की पढ़ाई हम करवाएंगे। अगर यह बच्चा पढ़ना चाहता है तो पढ़ाई की पूरी मदद हम करेंगे। केरला इस बच्चे के साथ है। यही बोलने के लिए हम केरल से यहां आए हैं। अगर इस फैमिली को केरल आना है तो हम इसका स्वागत करते हैं।"

delegation of the Kerala government reached Muzaffarnagar to meet the victim student

जॉन ब्रिटास की माने तो "केरल में ये एक बड़ा विषय बन गया है। हम लोग परेशान है। जैसा यहां पर हुआ है, उससे हम लोग शॉक्ड हैं। केरल मे कभी ऐसा नही हुआ है। वहां हिन्दू-मुसलमान साथ-साथ रहते हैं"। उन्होंने कहा कि "हमारे भारत में ऐसा होना शर्म की बात है। मैं इरशाद से मिला, बच्चे से मिला, उसके परिवार से मिला। बहुत ही गरीब लोग हैं। हम लोग इनका समर्थन करेगा, स्टडी के लिए जितना खर्च बनेगा हम करेगा।"

वही इस मामले को लेकर सुभाषिनी अली ने कहा कि "मेरा मुजफ्फरनगर में आना बहुत सालों से चल रहा है। यहां पर जब 2013 में दंगे हुए थे, तब भी हम लोग यहां हर महीने आए और हमने यहां बहुत लोग इकट्ठा किए थे। अब यह घटना हम लोगों ने देखी है। मुझे नहीं लगता पूरे देश में कोई ऐसा होगा जिसके दिल को चोट न पहुंची हो।

उन्होंने कहा कि इस तरह के टीचर की जगह जेल में है, स्कूल में नहीं। उसको तो जेल में होना चाहिए और एक सबक जाना चाहिए ताकि कोई भी टीचर स्कूल में ऐसी हरकत न करें। यह हमारे बच्चों को अपराधी बना रहे हैं। बच्चों के दिल में जहर भर रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चों को दंगाई बना रहे हैं। अगर ऐसा होगा तो समाज कैसे बचेगा। समाज में क्या होगा? आज हम लोग भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मक्सवादी की तरफ से यहां आए हैं। हम सबसे अपील करना चाहते हैं कि इसको बंद करिए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+