मिलिये मुंबई के असल हीरो से, चाय बेचने से लेकर वेब डेवलेपर्स तक का सफर
नई दिल्ली। हौसलों में उड़ान हो और कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो आप दुनिया की किसी भी उंचाई को छू सकते हैं। झारखंड़ के राजू यादव ने अपने हौसलों के दम पर चाय बेचने से लेकर वेब डेवलेपर्स बनने तक का एक बेहतरीन सफर तय किया है।

राजू शादी डॉट कॉम में एक वेब डेवलेपर के तौर पर काम करते हैं। राजू के सहकर्मी उन्हें बहुत ही सम्मान और गर्वे के साथ देखते हैं, इसकी मुख्य वजह यह है कि 10 साल पहले राजू चाय बेचने से लेकर, लोगों की बोतल में पानी भरने का काम करते थे। लेकिन राजू ने अपने जुनून की बदौलत सफलता उनके कदम चूम रही है।
खाली हाथ सपनों को पूरा करने पहुंचे मुंबई
देश के कई छोटे-छोटे शहरों से लोग सपनों के शहर मुंबई में आते हैं। लोग मुंबई इस चाहत में आते हैं ताकि उन्हें अपने जीवन के साथ उनके परिवार के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिले। राजू ने जब झारखंड़ को छोड़ मुंबई का रुख किया था तो उनके पास कुछ भी नहीं था लेकिन उन्होंने अपने हौसलों के आगे आज हर वो चीज हासिल कर ली है जो एक सफल इंसान पाने की चाहत रखता है।
50 हजार का कर्ज हमेशा परेशान करता था
राजू के घर में उसके माता-पिता सहित दो छोड़े भाई है। घर की तंगी के चलते राजू छठी कक्षा से आगे नहीं पढ़ सका। राजू का कहना है कि जब उसने अपना घर छोड़ा था हमपर 50000 रुपए का कर्ज था और मेरे पास उसे चुकाने का कोई रास्ता भी नहीं था।
14 साल की उम्र में राजू ने अपने जीवन का सबसे बड़ा फैसला लिया। राजू इस बात को समझ चुका था कि वह अपने गांव में रहते अपने परिवार के कर्ज को नहीं चुका सकता था और उसने मुंबई जाने का फैसला लिया। मुंबई आकर राजू अपने अंकल के पास रुका जोकि एक टैक्सी ड्राइवर थे।
चाय की दुकान पर मिली पहली 2000 रुपए की नौकरी
राजू बताते है कि उन्हें सौभाग्य से मेरे अंकल के कुछ दोस्त चीरा बाजार में थे जिनकी मदद से मुझे एक चाय वाले की दुकान पर चाय वेटर की नौकरी मिल गयी। इस चाय वाले ने राजू को रुकने और खाने के इंतजाम सहित 2000 रुपए तनख्वाह की पेशकश दी। राजू बताते हैं कि उन्होंने पैसों की बचत शुरु की और हर तीन महीने पर मैं अपने घरवालों को पैसा भेजता था।
राजू हर रोज सुबह 5 बजे जग जाते थे और दुकान की सफाई करने के बाद चाय बांटने का काम शुरु कर देते थे। मैं चीरा बाजार की भीड़भाड़ में लोगों तक चाय की कैरेट पहुंचाने में जुट जाता था, यह मेरे लिए एक चुनौती थी जिसें मैं हर हाल में पूरा करने की सोचता था।
पहली सफलता मिली शादी डॉट कॉम में
महज 6 महीनों के बाद एक कंपनी सगाई डॉट कॉम जोकि अब शादी डॉट कॉम है में मुझे ऑफिस असिस्टैंट के तौर पर काम करने का मौका मिला। कंपनी के मालिक अनुपम मित्तल ने मुझे काम करने का अवसर दिया। राजू को इस नयी नौकरी में 500 रुपए का इजाफा हुआ। वहीं इस कंपनी ने मुझे आगे पढ़ाई का मौका दिया और मैंने अपनी मैट्रिक की परीक्षा पास की।
नौकरी के साथ पूरी की पढ़ाई
कंपनी के सहयोगियों की मदद से राजू ने दो बार में अपनी दसवी की पढ़ाई 61 फीसदी अंको के साथ पास की, यही नहीं राजू ने अपनी 12 वीं की परीक्षा भी पास कर ली , जिसने उन्हें उनके सपने पूरे करने में काफी मदद की।
इंटरमीडियट पास करने के बाद राजू ने वेब डेवलेपमेंट सीखने का मन बनाया। यादव के इस सपने में शादी डॉट कॉम ने उनकी मदद की और उन्हें हर वह सुविधा मुहैया करायी जिसकी मदद से उन्होंने अपना कोर्स पूरा किया। राजू दिनभर ऑफिस में काम करने के बाद राजू ऑनलाइन कोर्स के जरिए देर रात तक अपनी पढ़ाई पूरी करते थे।
आगे की पढ़ाई जारी है
वेब डेवलेपर्स का कोर्स पूरा करने के बाद शादी डॉट कॉम में वेब डेवलेपर्स के तौर पर खुद का आवेदन भेजा जिसमें उन्हें चयनित कर लिया गया। राजू आज अपनी पत्नी और एक बेटे के साथ मुंबई में किराये के घर में रहते हैं और अपना स्नातक पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं।












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