डॉक्टरों के मृत घोषित करने के बाद जी उठा मरीज

पुलिस के अनुसार घटना बुधवार की है, जब डॉक्टरों ने चंद्रकांत को मृत जानकार वेंटीलेटर हटा लिया और परिजनों को सूचना दी कि वह मर चुके हैं। जिसके थोड़ी ही देर बाद चंद्रकांत को होश आ गयाा। मामले के बारे में मीडिया को बताये जाने तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने परिजनों का स्टेटमेंट ले लिया है और कहा कि आगे की कार्यवाहीं हम मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट आने के बाद करेंगे।
पुलिस ने डॉक्टरों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 336 (किसी व्यक्ति की सुरक्षा और जीवन को खतरे में डालना) दर्ज की है। गंगुरडे के पुत्र अतुल ने बताया कि हमने उन्हें पांच दिसंबर को सियान के अस्पताल में उन्हें (चंद्रकांत गंगुरडे) भर्ती करवाया था जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, आज डॉक्टरों ने हमें बताया कि हम अपने रिश्तेदारों को सूचना दे दें कि मेरे पिता की मौत हो चुकी है और शरीर में कोई मूवमेंट न होने के कारण हमने आक्सीजन का पाइप भी हटा लिया है। जिसके कुछ समय बाद मैंने महसूस किया कि मेरे पिता जीवित हैं। अतुल का कहना है कि मरीज के प्रति लापरवाही भरा रवैया अपनाने के लिए डॉक्टरों को जेल में डाल देना चाहिए।












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