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किशोरी को फ्लाइंग किस करने और उसे आंख मारने के लिए 20 वर्षीय युवक को हुई 1 साल की जेल

एक किशोरी को फ्लाइंग किस करने और उसे आंख मारने के लिए एक युवक को 1 साल के कठोर कारावास और 15 हजार जुर्मने की सजा सुनाई गई है।

मुंबई। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) एक्ट के तहत नामित एक विशेष अदालत ने बुधवार को 20 वर्षीय युवक को पड़ोस में रहने वाली एक 14 साल की लड़की को आंख मारने और उसे फ्लाइंग किस देने का दोषी मानते हुए 15 हजार रुपए जुर्माने और 1 साल के कठिन करावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश भारती काले ने अपने फैसले में कहा कि आंख मारना और फ्लाइंग किस देना यौन इशारे के अंतर्गत आता है और इसलिए इसे पीड़िता का यौन उत्पीड़न माना गया।

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अदालत ने जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपए पीड़िता को बतौर मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया। दोषी युवक पिछले साल 1 मार्च से जेल में है। इसको देखते हुए अदालत ने कहा कि सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत उसके द्वारा जेल में बिताए गये समय को भी 1 साल की सजा में गिना जाएगा।

लड़की की मां ने पिछले साल दर्ज कराई थी शिकायत

इस मामले में पीड़िता की मां ने पिछले साल 29 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने अपनी मां को बताया था कि जब वह अपनी बहन के साथ बैठी थी उसी दौरान लड़के ने उसे आंख मारी और फ्लाइंग किस की। उसने बताया कि पहले भी यह हरकत कर चुका है। पहले महिला ने उसका सामना किया और उसके बात पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

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वहीं, आरोपी की ओर से वकील ने कोर्ट में कहा कि उसके मुवक्किल का कोई भी यौन इरादा नहीं था इसलिए उसे बरी कर देना चाहिए। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि महिला ने शिकायत इसलिए दर्ज कराई थी क्योंकि वह किसी विशेष धर्म के युवक की उसकी बेटी के साथ बातचीत करना पसंद नहीं करती थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पीड़ित के चचेरे भाई और अभियुक्त के बीच शर्त भी लगी थी और चचेरे भाई ने उसे लड़की का पीछा करने के लिए कहा था।

सजा तय करते हुए कोर्ट ने इस बात का ध्यान रखा कि अपराध के समय पीड़िता की उम्र 14 साथ थी और अपराधी की उम्र 19 वर्ष थी। कोर्ट ने कहा, 'अपराध की प्रकृति को देखते हुए अपराधी के प्रति थोड़ी रियायत बरती जानी चाहिए और अपराधी को अच्छा जीवन बिताने के लिए एक अवसर देना चाहिये।'

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