यूपी पुलिस का कारनामा: गौहत्या में सतवीर को जहीर बताकर पहुंचाया जेल, मामला सामने आने पर जांच के आदेश
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मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद में पुलिस का सनसनीखेज कारनामा सामने आया है। दरअसल, भेाजपुर पुलिस की वजह से एक शख्स पिछले एक साल से सलाखों के पीछे कैद है। इस बात का खुलासा 7 जून 2019 को उस समय हुआ जब शख्स को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया। शख्स की आपबीती सुनने के बाद वकील चौधरी कुलदीप सिंह ने मामले की जांच की। अब वह पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाएंगे।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, मुरादाबाद के थाना भोजपुर में 8 मई 2018 को एक ट्रक में गौवंशीय पशु और उनका मांस बरामद होता है। बिना किसी गिरफ्तारी के दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है। वाहवाही लूटने की वजह से भोजपुर पुलिस द्वारा 29 जून 2018 को गौ हत्या और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एक मजदूर सतवीर नाम के दलित युवक को जहीर के नाम से जेल की सलाखों के बीच पहुंचा दिया गया। पुलिस के इस सनसनीखेज कारनामे का खुलासा 7 जून 2019 को उस समय हुआ जब जेल से पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए सतवीर को अदालत में पेशी के दौरान ठाकुरद्वारा कोर्ट लाया गया। सतवीर ने अदालत में मौजूद वकील चौधरी कुलदीप सिंह को आवाज देकर अपने पास बुलाया और रोकर पुलिस के अत्याचार की कहानी बताई।

वकील ने खुद की पड़ताल
वकील कुलदीप के मुताबिक, आरोपी जनपद बुलंदशहर के थाना अनूप शहर अंतर्गत ग्राम डोंगर जोगी का रहने वाला सतवीर था। इसकी पड़ताल उन्होंने खुद उसके गांव में जाकर कर ली है और सतवीर जहीर नहीं है इसके सारे दस्तावेज वो खुद सतवीर के गांव जाकर ले आए हैं। वहां के प्रधान ने भी लिखकर दे दिया है। सतवीर के घर में सिर्फ एक बूढ़ी मां है, जो चलने-फिरने और बोलने में भी असमर्थ है। कुलदीप के मुताबिक, उन्होंने पुलिस के इस कारनामे की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कर दी है। सतवीर को न्याय दिलाने के लिए वह हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी करेंगे।

मामले की जांच के आदेश
कुलदीप ने बताया कि सबसे अहम सवाल ये है कि परिवार के लोग एक साल से सतवीर की तलाश रहे होंगे, लेकिन सतवीर तो जहीर के नाम से जेल में बंद था। दूसरा सवाल ये कि गौहत्या जैसे जघन्य अपराध में जेल में कैदी की जिंदगी गुजार रहा सतवीर और उसके परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि उसकी जमानत जहीर के नाम से ली जाए या सतवीर के नाम से ली जाए। उधर, जब इस मामले में पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में डाला गया तो उन्होंने पूरे मामले के जांच के आदेश दिए हैं। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि मामले की जांच सीओ ठाकुरद्वारा को सौंपी गई है।












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