कौन हैं सुचिस्मिता मौर्य? करोड़ों की हैं मालकिन, बेदाग है छवि, BJP ने मझवां से दिया टिकट
Majhawa Assembly By-election 2024: उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी गई। पार्टी द्वारा सात प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है। इस लिस्ट में मझवा विधानसभा भी शामिल है।
मिर्जापुर की मझवां विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व विधायक सुचिस्मिता मौर्य को प्रत्याशी बनाया गया है। 2017 विधानसभा चुनाव में सुचिस्मिता मौर्य ने बहुजन समाज पार्टी से तीन बार के विधायक रहे रमेश बिंद को मझवा विधानसभा से चुनाव हार दिया था।

एमबीए पास सुचिस्मिता मौर्य साल 2017 में पहली बार चुनाव मैदान में उतरी थीं। पहली बार में ही उन्होंने कड़ी टक्कर देते हुए बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी और तीन बार की विधायक रहे रमेश बिंद (जो अब समाजवादी पार्टी में हैं।) को चुनाव हरा दिया।
इस चुनाव में सुचिस्मिता मौर्य को 107839 वोट मिले थे जबकि रमेश बिंद को 66680 वोटो से ही संतोष करना पड़ा। तीन बार के विधायक रहे रमेश बिंद को चुनाव हराने के बाद हर तरफ भाजपा प्रत्याशी सुचिस्मिता मौर्य के नाम का चर्चा होने लगा। हालांकि 2022 में बीजेपी ने यह सीट निषाद पार्टी को दे दी। ऐसे में सुचिस्मिता मौर्य को टिकट नहीं मिला।
दर्ज नहीं हैं एक भी मुकदमा
सुचिस्मिता मौर्य कालीन के कारोबार से जुड़ी हुई है और करोड़ों रुपए की मालकिन हैं। हालांकि इनका राजनीतिक सफर बहुत लंबा नहीं है लेकिन इनके ससुर पूर्व विधायक स्वर्गीय रामचंद्र मौर्य मझवा विधानसभा से विधायक रह चुके हैं।
1996 में स्वर्ग रामचंद्र मौर्य ने मझवा विधानसभा से चुनाव जीता था। उनके चुनाव जीतने के बाद साल 2002, 2007 और 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी से रमेश बिंद लगातार तीन बार विधायक बने। ससुर का देहांत हो जाने के बाद इस सीट पर भाजपा ने 2017 में सुचिस्मिता मौर्य को टिकट दिया था।
अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश उपचुनाव 2024 के दौरान भारतीय जनता पार्टी द्वारा मझवां विधानसभा से सुचिस्मिता मौर्य को प्रत्याशी बनाया गया है। इस बार यहां पर कांटे का टक्कर देखने को मिलेगा। क्योंकि समाजवादी पार्टी द्वारा रमेश बिंद की बेटी ज्योति बिंद को चुनाव मैदान में उतारा गया है।












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