Meerut News: बिहार का कासिम बना कृष्ण और कर रहा था मंदिर में पूजा, सावन की शिवरात्रि पर हुआ बड़ा खुलासा

Meerut News: मेरठ के दौराला इलाके के दादरी गांव में बुधवार को शिवरात्रि के दिन उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सालभर से मंदिर में रहकर पूजा-पाठ कर रहा एक युवक कृष्ण नहीं बल्कि बिहार का रहने वाला कासिम निकला।

कासिम के मुस्लिम होने का शक ग्रामीणों को पहले से ही था लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो रहा था। बुधवार को सावन की शिवरात्रि के दिन उससे पूछताछ शुरू की गई तो पूरा मामला सामने आ गया उसके बाद लोगों ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी।

meerut news up bihar

बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले गांव के प्राचीन शिव मंदिर में एक युवक आया था। खुद को कृष्ण पुत्र संतोष निवासी दिल्ली बताकर वह मंदिर में रहने के लिए अनुमति मांगा। चूंकि मंदिर में कोई स्थायी पुजारी नहीं था, इसलिए गांववालों ने भरोसा कर उसे रहने दिया।

उसके बाद वह मंदिर में रहने लगा और पूजा पाठ करने लगा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को शक होने लगा। जब उससे आधार कार्ड दिखाने को कहा गया, तो वह 15 दिन के लिए गांव छोड़कर चला गया।

वापस लौट कर आने के बाद वह फिर से पूजा-पाठ शुरू कर दिया। लेकिन बीते बुधवार को शिवरात्रि के मौके पर जब गांव में भंडारा चल रहा था, उस दौरान वह मंदिर के कमरे से कुछ सामान निकालने लगा। लोगों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

पकड़ में आई सच्चाई, भीड़ ने किया हंगामा

गांववालों ने पहले तो उसे चोरी के शक में रोका, लेकिन जब मामला बढ़ा तो कुछ लोगों ने उसकी धोती तक खोल दी। इसके बाद उसकी पहचान को लेकर सवाल उठने लगे। हंगामे के बीच पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उससे पूछताछ की, तो उसने अपना असली नाम कासिम बताया।

पुलिस के मुताबिक, कासिम बिहार के सीतामढ़ी जिले के कोली रायपुर गांव का रहने वाला है। उसका पिता मोहम्मद अब्बास एक मौलवी है। पूछताछ में उसने बताया कि वह कई साल पहले उत्तर प्रदेश आया था और दिल्ली के मंदिरों में रहकर पूजा-पाठ सीखा। उसने खुद के हाथ पर 'कृष्ण' भी गुदवा रखा है।

पकड़े जाने पर बोला कर चुका है धर्म परिवर्तन

कासिम का कहना है कि उसने कई साल पहले हिंदू धर्म अपना लिया था और तभी से मंदिरों में रह रहा है। उसका दावा है कि वह अब पूरी तरह से पूजा-पाठ और मंदिर सेवा में जुटा है, इसलिए उसने अपनी पहचान बदल ली थी। हालांकि ग्रामीणों को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ।

भीड़ ने कासिम के साथ हाथापाई भी की और उसके खिलाफ नाराज़गी जताई। बाद में पुलिस उसे थाने ले गई और मामला दर्ज कर लिया गया। इंस्पेक्टर दौराला सुमन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान कासिम के रूप में हुई है और उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है।

गांव के लोगों ने बताया कि जब कासिम को पहली बार मंदिर में रहने दिया गया, तब उसने कृष्ण नाम से खुद को पुजारी बताया और कोई दस्तावेज नहीं दिखाया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पहले आधार कार्ड देख लिया जाता, तो यह खुलासा समय पर हो सकता था। अब पुलिस ने बिहार पुलिस को सूचना भेजकर आरोपी की जानकारी साझा की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+