Drone News UP: मेरठ में अब ड्रोन उड़ाना बना मुश्किल! डीआईजी के आदेश पर सभी थानों में जुटाए जा रहे रिकॉर्ड
Drone News UP: मेरठ के गांवों की रातें अब पहले जैसी नहीं रहीं। अचानक आसमान में उड़ते ड्रोन ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। लोगों में डर इस कदर बैठ गया है कि कई गांवों में लोग अब रात-रात भर पहरा देने लगे हैं।
हस्तिनापुर से शुरू हुई यह ड्रोन रहस्य अब जिले के कई हिस्सों तक फैल चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते पंद्रह दिनों में कई बार अज्ञात ड्रोन देखे गए हैं। भले ही पुलिस का कहना हो कि ये सर्वे के लिए थे, लेकिन लोगों का डर खत्म नहीं हुआ।

इस बीच, पुलिस और प्रशासन की नींद भी टूटी है। अब खुद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मोर्चा संभालते हुए सख्ती से नियम लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब बिना अनुमति कोई भी ड्रोन उड़ान नहीं भर सकेगा।
लोगों में डर, अफवाहें बनीं परेशानी की वजह
ड्रोन की पहली झलक हस्तिनापुर क्षेत्र में देखने को मिली थी, जिसके बाद गांवों में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। कुछ ने इसे जासूसी बताया तो कुछ ने चोरी की आशंका जताई। हकीकत कुछ भी रही हो, पर ग्रामीणों का चैन जरूर छिन गया।
पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि कुछ ड्रोन हिंडन नदी के सर्वे कार्य के लिए उड़ाए जा रहे थे। लेकिन जब ये घटनाएं बढ़ने लगीं, तो लोगों को लगा कि इसके पीछे कुछ और वजहें हो सकती हैं। डर ने इस हद तक जगह बना ली कि कई गांवों में लोगों ने स्वयं पहरेदारी शुरू कर दी।
प्रशासन ने उठाए ठोस कदम
ड्रोन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने पहले ही एक एडवाइजरी जारी की थी। उन्होंने साफ किया था कि जिले में कोई भी संदिग्ध ड्रोन नहीं मिला है। उनका मानना है कि यह सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों का असर है।
फिर भी, ग्रामीणों की चिंताओं को नजरअंदाज न करते हुए थाना पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही, लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं।
अब बिना अनुमति नहीं उड़ेंगे ड्रोन
बुधवार को डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने ड्रोन को लेकर और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नई एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि अब बिना पुलिस अनुमति कोई भी ड्रोन नहीं उड़ाया जा सकेगा, चाहे वह खिलौना ड्रोन ही क्यों न हो।
रात में ड्रोन उड़ाना अब कानून का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर ड्रोन मालिक को अब अपने डिवाइस की जानकारी नजदीकी थाने में पंजीकृत करानी होगी। ऐसा न करने पर कार्रवाई तय है।
डीआईजी ने बताया कि फिलहाल जिले में ऐसी कोई ठोस सूचना नहीं मिली है जिससे यह साबित हो कि ड्रोन का इस्तेमाल किसी आपराधिक उद्देश्य से किया गया हो। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें हालात को और उलझा रही हैं।












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