Kanha national park से लगे जंगल में बाघ ने आदिवासी पर किया हमला, मंडला वन विभाग अलर्ट, घायल अस्पताल में भर्ती
Kanha national park: मध्य प्रदेश में एक तरफ जहां बाघ का कुनबा बढ़ रहा है तो वहीं टाइगर रिजर्व और उससे सटे क्षेत्रों में ग्रामीणों पर हमले भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी ही घटना एक बार फिर सामने आई हैं। इस बार मंडला-नैनपुर मोहगांव परिक्षेत्र में हुई। आदिवासी व्यक्ति के सिर और हाथ में चोटें पहुंची हैं।
सर्किल प्रभारी बीजेगांव एमएल भारतीय ने भी इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि घटना का शिकार हुआ ग्रामीण ओमकार धुर्वे मशरूम लेने के लिए जंगल गया था। इसी दौरान वहां टाइगर आ पहुंचा। ओमकार कुछ समझ पाता, बाघ ने पंजे से उस पर हमला कर दिया।
किसी तरह घायल शख्स चिल्लाते हुए भागा। उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण भी पहुंचे और ओमकार को फ़ौरन इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना के बाद वन विभाग के और अधिकारी भी पहुंचे। घटना स्थल का मुआयना भी किया गया। जहां बाघ के पंजे निशान मिले हैं।

इधर नैनपुर के चिकित्सक दीपक उईके के मुताबिक युवक को दोनों हाथ और सिर में चोट हैं, जो जंगली जानवर के नाखून और दांत से लगे प्रतीत हो रहे हैं। ये गनीमत रही कि घायल शख्स वक्त रहते अस्पताल पहुंच गया और उसका इलाज भी शुरू हो गया। हालांकि उसकी हालत अब खतरे के बाहर बताई जा रही हैं। वहीं आग की तरह गांव भर में फैली इस घटना से ग्रामीण दहशत में हैं। इससे पहले सिवनी जिले में सिलसिलेवार दो घटनाएं हो चुकी हैं। एक घटना में बाघ के हमले में एक व्यक्ति की जान तक जा चुकी हैं। उसके बाद तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिला पर भी टाइगर ने अटैक किया था। ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व से कई बाघ घूमते हुए कई बार बाहर भी आ जाते हैं। जिसका अंदाज वह नहीं कर पाते। ग्रामीणों ने मांग की हैं कि पार्क से सटे ग्रामीण क्षेत्र के जंगल में वन विभाग अपनी निगरानी और बढ़ाए। ताकि बाघ का मूवमेंट होने पर समय पर एक्शन लिया जा सकें।












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