MP Assembly Election 2023: चुनाव लड़ने डॉ विजय आनंद मरावी ने छोड़ दी सरकारी नौकरी, बीजेपी ने टिकट भी दे दिया
MP Assembly Election 2023: यूं तो राजनीति के मैदान में चुनाव की टिकट हासिल करना आसान नहीं। कई जतन करने पड़ते हैं। कई दफा सियासत की कांटो भरी राह से भी गुजरना पड़ता हैं। लेकिन इससे जुदा सरकारी नौकरी करते हुए आपको यदि चुनाव में प्रत्याशी घोषित होने का कॉल आ जाए, तो उसे आप क्या कहेंगे?
कुछ ऐसी ही कहानी का हिस्सा मध्य प्रदेश के जबलपुर मेडिकल अस्पताल में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट के पद पर पदस्थ रहे डॉ विजय आनंद मरावी भी बन गए हैं। विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की ओर 39 सीटों के उम्मीदवारों की जारी हुई लिस्ट में डॉ मरावी भी शामिल हैं।
डॉ विजय आनंद मरावी को मंडला जिले की बिछिया विधानसभा से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया हैं। पार्टी की ओर से कैंडिडेट लिस्ट शाम को जारी हुई, उसी दिन सुबह उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि टिकट मिलने की उनको भी भनक लग गई थी। जिस वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

डॉक्टर मरावी में ऐसी क्या खासियत है कि बीजेपी ने कई दावेदारों के बीच से उन्हें चुनाव मैदान में उतारा? हर किसी के जहां में यह सवाल उठाना लाजमी हैं। तो आप भी जान लीजिए कि पार्टी ने उनको उम्मीदवार क्यों बनाया? सबसे बड़ी वजह बिछिया विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति यानि आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। डॉक्टर मरावी खुद आदिवासी वर्ग से आते हैं। स्कूल की पढ़ाई के बाद से ही वह RSS की विचारधारा से प्रेरित रहे। बीजेपी की रीति और नीति से प्रभावित होकर उन्होंने आदिवासी वर्ग मे सक्रियता भी बढ़ाई। डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उनकी नौकरी लगी तो बीच में भी जब उन्हें वक्त मिला, तो अपने समाज में अपने स्तर पर विभिन्न माध्यमों से सेवा करने एक्टिव रहे।
आदिवासियों की दशा सुधारने का संकल्प!
बिछिया विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) वर्ग के लिए आरक्षित है। डॉ विजय आनंद आदिवासी समुदाय से आते हैं और वो लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयं संघ जुड़कर कार्य कर रहे हैं। डॉ. मरावी खुद कहते है कि हमेशा वह अपने आदिवासी समाज के बारे में सोचते रहे। आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक दशा सुधारने मन कचोटता रहता था। लेकिन सरकारी नौकरी की मर्यादाएं और कई बंधन की वजह वह खुलकर अपना भाव प्रदर्शित नहीं कर पाते थे। लेकिन अब उनकी पार्टी ने जिस भरोसे के साथ चुनाव का टिकट दिया हैं, उसमें उन्होंने सफलता का दावा किया हैं। मरावी का कहना है कि वह जल्द अपना संकल्प पत्र भी बनाने वाले हैं। यदि वह विधायक बने तो पत्र के हर संकल्प को पूरा करेंगे।
2018 में बीजेपी को मिली थी हार
2023 के चुनाव के लिए जिस सीट से डॉ. मरावी को चुनाव मैदान में उतारा गया है, साल 2018 में बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा था। इस सीट से बीजेपी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी डॉ शिवराज शाह को उम्मीदवार घोषित किया था। चुनाव मैदान में शिवराज शाह निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के नारायण सिंह पट्टा से मात्र 21 हजार 388 वोट से हार गए थे। बीजेपी के उम्मीदवारों की फर्स्ट लिस्ट में बिछिया से डॉ. मरावी का टिकट फाइनल होने के बाद अब बाकी कयासों पर ब्रेक लग गया हैं।












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