Maharashtra Vidha sabha chuav: क्या महा विकास अघाड़ी ओवैसी की AIMIM से मिलाएगी हाथ?
Maha Aghadi alliance and AIMIM: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नवंबर माह में होने की संभावना है। महाराष्ट्र के ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दे चुकी है।
एआईएमआईएम की राज्य इकाई के अध्यक्ष ने एक दिन पहले एमवीए के सामने खुलकर साथ चुनाव लड़ने का ये प्रस्ताव रखा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या महायुति गबबंधन को चुनाव में परास्त करने के लिए कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी, एनसीपी का महाविकास अघाड़ी बंधन मुस्लिम वोटरों को साधने के लिए ओवैसी की पार्टी के साथ हाथ मिलाएगी?

बता दें सोमवार को एआईएमआईएम की महाराष्ट्र राज्य इकाई के अध्यक्ष और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने साथ चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा "हम भाजपा को हराना चाहते हैं। इसलिए हम एमवीए को साथ आने का प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन यह उन पर निर्भर करता है कि वे हमें गठबंधन में शामिल करते हैं या नहीं।"
जलील ने जोर देकर कहा कि एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने से एमवीए को फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा, "अगर वे (एमवीए दल) हमें साथ लेकर चलते हैं, तो यह उनके लिए फायदेमंद होगा। अगर नहीं, तो हम अकेले आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
हमारे पास कुछ ताकत और वोट बैंक है
जलील ने कहा अगर उन्हें लगता है कि हमारे पास कुछ ताकत और वोट बैंक है, तो वे निश्चित रूप से हमें अपने साथ आने के लिए कहेंगे।" उन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के साथ सहयोग करने की इच्छा भी जताई, अगर इससे बीजेपी को हराने में मदद मिलती है!
एआईएमआईएम से क्या हाथ मिलाएगी महा अघाड़ी गठबंधन?
बता दें कांग्रेस और एनसीपी स्वयं को सेकुलर पार्टियां मानती हैं और मुस्लिम वोटरों को अपना वोट बैंक मानती हैं। महाअघाड़ी में शामिल ये दोनों पार्टियां स्वयं ही मुस्लिम वोटरों को साधने के लिए पर्याप्त मानती हैं। ऐसे में ओवैसी की पार्टी को महाअघाड़ी का गठबंधन कोई मजबूरी नहीं हैं। अगर महाअघाड़ी ओवैसी की एआईएमआईएम से हाथ मिला भी लेती है तो इस बात की संभावना अधिक है कि वो इसे सीटों के बंटवारे से दूर ही रखना चाहेगी, यानी चुनाव में समर्थक के तौर तक ही गठबंधन सीमित रहेगा।
महाराष्ट्र में मुस्मिल वोटर्स
याद रहे 2011 की जनगणना के अनुसार 11 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले इस राज्य में 11.54 फीसदी यानी लगभग 1.5 करोड़ आबादी मुस्लिम समुदाय की है। महाराष्ट्र के लगभग 40 विधानसभा क्षेत्रों में एक मुस्लिम वोटर यहां तक कि मुंबई की सीट पर अहम भूमिका निभाते हैं। उत्तरी कोंकण, खानदेश, मराठवाड़ा और पश्चिमी विदर्भ मुस्मिल बहुल्य क्षेत्र हैं।
महाराष्ट्र में कब होगा चुनाव
मौजूदा भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) सरकार का कार्यकाल नवंबर, 2024 को समाप्त हो रहा है। इससे पहले यहां विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
महाराष्ट्र में कुल विधानसभा सीटें और 2019 का चुनाव परिणाम
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 2019 के चुनाव में भाजपा 106 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद के कारण शिवसेना (56 विधायकों के साथ) ने कांग्रेस (44 विधायकों) और एनसीपी (53 विधायकों) के साथ महाविकास अघाड़ी का गठन किया, जिससे उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।












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