अब महाराष्ट्र की चीनी मिलें चीनी ही बिजली का भी करेंगी उत्पादन, जानें सरकार की योजना
महाराष्ट्र सरकार राज्य में बढ़ती बिजली की खपत को ध्यान रखते हुए अहम कदम उठाया है। सरकार की इस योजना की बदौलत अब राज्य की सभी चीनी मिलों में भी बिजली उत्पन्न होगी।
सुनने में आपको ये अजीब लग रहा होगा लेकिन ये सच है। महाराष्ट्र की शिंदे सरकार बिजली की मांग और खपत को संतुलित करने के लिए सरकार महाराष्ट्र भर की सभी चीनी मिलों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की तैयारी कर रही है।

इस योजना में चीनी मिलों के अंदर उपलब्ध भूमि, गोदामों और इमारतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना शामिल है, जिससे उन्हें अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने में मदद मिलेगी।
बता दें महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 707 सब-स्टेशनों से कृषि के लिए दिन में बिजली आपूर्ति करने की योजना तैयार की है। इसी के तहत अधिक सौर्य ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कवायद शुरू कर दी है।
इसके अलावा महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बिजली की बढ़ती मांग के कारण दिन में बिजली प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके परिणामस्वरूप सरकार वैकल्पिक तौर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों से बिजली उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। राज्य में लगभग 230 चीनी मिलें हैं, जिनके परिसर और कृषि भूमि में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इस भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लागू करने की योजना बनाई गई है।
चीनी आयुक्त ने की अपील
महाराष्ट्र राज्य चीनी आयुक्त डॉ. कुणाल खेमनार ने चीनी मिलों से अनुरोध किया है कि वे उपलब्ध भूमि, गोदामों और इमारतों पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करें। इससे उन्हें आवश्यक बिजली प्राप्त करने और अधिशेष बिजली को बेचकर पैसे कमाने में मदद मिलेगी।
230 मिलों में ये सौर ऊर्जा परियोजना होगी स्थापित
चीनी आयुक्त कार्यालय ने यह भी कहा कि अगले कुछ वर्षों में राज्य भर में 230 चीनी मिलों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएँगी। चीनी आयुक्तालय चीनी मिलों को शेष भूमि पर सौर परियोजनाएँ स्थापित करने के लाभों के बारे में सूचित कर रहा है।












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