Shiv Sena Symbol Row : चुनाव आयोग 17 जनवरी को अगली सुनवाई करेगा, शिंदे गुट की दलीलें समाप्त

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार बनने के बाद शिवसेना में दो फाड़ हो गया। शिंदे और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कौन सा चिह्न मिलेगा ? इस पर चुनाव आयोग के समक्ष सुनवाई हो रही है।

Shiv Sena Symbol Row :

शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और उद्धव ठाकरे गुट के बीच Shiv Sena Symbol Row लंबित है। पार्टी के प्रतीक चिह्न मामले में शिवसेना के शिंदे गुट ने मंगलवार को अपनी दलीलें पूरी कीं। चुनाव आयोग (ECI) के सामने दलीलों को पूरा कर लिया गया है। अह अगली सुनवाई 17 जनवरी को होगी। समाचार एजेंसी ANI ने बताया, सूत्रों के मुताबिक ECI ने सुनवाई की अगली तारीख 17 जनवरी तय की है। महेश जेठमलानी एकनाथ शिंदे गुट के वकील हैं।

बता दें कि शिवसेना के दोनों गुट (एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे) पार्टी के धनुष और तीर के निशान के लिए लड़ रहे हैं। वर्तमान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने पिछले साल उद्धव खेमे से अलग होने का ऐलान कर बीजेपी के समर्थन वाली सरकार बनाई। अधिकांश विधायकों का समर्थन शिंदे के साथ है, ऐसे में उनका विद्रोह उद्धव पर भारी पड़ा।

विवाद गहराने के बाद ECI ने शिवसेना के धनुष और तीर के चिन्ह को फ्रीज कर दिया और शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को 'दो तलवारें और ढाल का प्रतीक' अंतरिम तौर पर आवंटित किया। उद्धव ठाकरे गुट को 'ज्वलंत मशाल' (मशाल) चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। इनका इस्तेमाल पिछले साल नवंबर में अंधेरी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान हुआ।

बता दें कि पिछले साल नवंबर में ही पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने धनुष और तीर के चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की थी। हालांकि, याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था।

Recommended Video

      Saamna में Uddhav Thackrey गुट का बड़ा दावा, शिंदे गुट के 22 विधायक नाखुश | वनइंडिया हिंदी *Politics

      उतार-चढ़ाव के बीच चुनाव आयोग ने अंधेरी पूर्व उपचुनावों में यह कहते हुए अंतरिम आदेश पारित किया कि दोनों समूहों में से किसी को भी "शिवसेना" के लिए आरक्षित प्रतीक "धनुष और तीर" का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
      आयोग का फैसला उद्धव ठाकरे खेमे और प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे खेमे के बीच चल रही लड़ाई के बीच आया था। अब शिंदे खेमे की दलीलों के खत्म होने के बाद इंतजार 17 जनवरी का है और नजरें आयोग के फैसले पर हैं।

      Notifications
      Settings
      Clear Notifications
      Notifications
      Use the toggle to switch on notifications
      • Block for 8 hours
      • Block for 12 hours
      • Block for 24 hours
      • Don't block
      Gender
      Select your Gender
      • Male
      • Female
      • Others
      Age
      Select your Age Range
      • Under 18
      • 18 to 25
      • 26 to 35
      • 36 to 45
      • 45 to 55
      • 55+