शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने उद्धव ठाकरे को डेढ़ साल के बेटे पर लपेटा- क्या यही है आपका हिंदुत्व ?
Shiv Sena सांसद श्रीकांत शिंदे ने दशहरा रैली में उनके मासूम बेटे का नाम घसीटे जाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जोरदार हमला किया है। लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने गुरुवार को पूर्व सीएम की ओर से उनके बेटे का नाम खींचे जाने को लेकर उनसे पूछा है कि क्या डेढ़ साल के बच्चे पर दशहरा रैली में निशाना साधना उनके हिंदुत्व को शोभा देता है। श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एखनाथ शिंदे के बेटे हैं। वो महाराष्ट्र के कल्याण लोकसभा क्षेत्र से पार्टी सांसद हैं।

'उद्धव ठाकरे, क्या यही है आपका हिंदुत्व ?'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक खुली चिट्ठी में उद्धव ठाकरे को जोरदार तरीके से लपेटने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने अपने राजनीतिक विरोधियों का सख्त विरोध किया, लेकिन कभी भी इतने 'निचले' स्तर की टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, 'हिंदुत्व पर आपने जो विचार रखे हैं, क्या आप उसे समझते हैं? मैं आपसे सिर्फ एक बात पूछना चाहता हूं कि क्या डेढ़ साल के मेरे बेटे को इस तरह से घसीटना आपके हिंदुत्व को शोभा देता है?'

उद्धव ठाकरे ने लिया था रुद्राक्ष का नाम
बुधवार को शिवसेना के दोनों गुटों ने अपनी-अपनी दशहरा रैली में एक-दूसरे पर जमकर हमले किए थे और दोनों ने एक-दूसरे पर गद्दारी के आरोप लगाए थे। एक रैली की अगुवाई उद्धव ठाकरे ने की थी और दूसरे की सीएम शिंदे ने, जिसमें उद्धव के भाई जयदेव ठाकरे भी शामिल हुए थे। अपने भाषण में उद्धव ने मुख्यमंत्री शिंदे पर हमला करते हुए उनके बेटे (श्रीकांत) को छोकरा बताते हुए उनके पोते रुद्राक्ष के बारे में कहा कि उसकी नजर कॉर्पोरेटर की पोस्ट पर है। ठाकरे ने मुख्यमंत्री पर उन्हें 'धोखा' देने का आरोप भी लगाया, जबकि उनका दावा था कि उनकी वजह से उन्हें मंत्री पद भी मिला और उनके बेटे सांसद भी बने।

श्रीकांत शिंदे ने उद्धव की जमकर खिंचाई की
श्रीकांत शिंदे ने अपने एक लंबे फेसबुक पोस्ट पर ठाकरे की जमकर खिंचाई की है और पूछा है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री कैसे एक बच्चे के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बीच एकनाथ शिंदे पर पलटवार करते हुए उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के प्रवक्ता मनीषा कायंदे ने कहा, उद्धव ठाकरे ने अपने मन से भाषण दिया, जबकि शिंदे एक घंटे 28 मिनट तक 'पढ़कर' भाषण देते रहे।
एनसीपी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी शिंदे पर निशाना साधा है। उन्होंने बिना उनका नाम लिए हुआ कहा कि 'भाषण में कुछ बातें बिना किसी कारण के खींची गई।' (इनपुट-पीटीआई)









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