Shiv Sena SC Verdict: 'उद्धव ने इस्तीफा नहीं ...' सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों के निलंबन के बारे में क्या कहा?
Shiv Sena SC Verdict: उद्धव ठाकरे को बहाल नहीं किया जाएगा, राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट बुलाकर गलती की, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान की टिप्पणी।

Shiv Sena Supreme Court Verdict: शिवसेना के 16 बागी विधायकों के निलंबन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आ गया है, जिसकी एकनाथ शिंदे-भाजपा सरकार को सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। आपको बता दें कि अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच करेगी। इसके साथ ही संवैधानिक बेंच ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता पर फैसला हम नहीं ले सकते। इस पर स्पीकर फैसला लें।
आइए विस्तार से जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र वाले मामले पर सुनवाई के दौरान क्या-क्या कहा?
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'ये एक बड़ा मुद्दा है और इसपर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच का अध्ययन जरूरी है।
- बेंच ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा नहीं दिया होता तो सरकार बहाल कर सकते थे।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट कानूनी नहीं था लेकिन उद्धव ने पहले इस्तीफा दे दिया और इसलिए उन्हें बहाल नहीं किया जा सकता।
- SC का कहना है कि व्हिप को मान्यता देकर स्पीकर की कार्रवाई की वैधता की जांच करने के लिए भी स्टडी की जरूरत है।
- पीठ ने कहा कि व्हिप राजनीतिक पार्टी जारी करती है इसलिए व्हिप को पार्टी से अलग करना उचित नहीं है।
- कोर्ट ने कहा कि स्पीकर को राजनीतिक दल द्वारा नियुक्त व्हिप को ही मान्यता देनी चाहिए थी ना कि शिंदे गुट द्वारा नियुक्त व्हिप भरतशेट गोगावले को।
- अदालत ने साफ तौर पर कहा कि स्पीकर को स्वतंत्र जांच करने के बाद फैसला लेना चाहिए था लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
- कोर्ट ने कहा कि उद्धव ठाकरे को विधायकों ने अपना नेता माना था, डेप्युटी स्पीकर को फैसले से रोकना सही नहीं है।
एकनाथ शिंदे समेत 16 विधायकों को फौरी राहत
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत 16 विधायकों ने उद्धव ठाकरे से पिछले साल जून में बगावत की थी। इसके बाद राज्य में महाविकास अघाड़ी की सरकार गिर गई और शिंदे और बीजेपी ने मिलकर सरकार बना ली थी, जिसके बाद शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी और उसने शिवसेना के 16 बागी विधायकों के निलंबन के मामले में अर्जी दायर की थी। जिसकी सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही थी, जिसने आज ये मामला सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। जिससे कि एक तरह से एकनाथ शिंदे समेत 16 विधायकों के भविष्य पर फैसला टल गया है।












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