दशहरे पर शिंदे की शिवसेना ने दिखाई शक्ति, सीएम की दहाड़- हमें हिंदू होने पर गर्व है, कुछ लोगों को आती है शर्म
Eknath Shinde Shiv Sena Dussehra Rally: देश भर में 12 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) का त्यौहार धूमधाम से मनाय मनाया गया। वहीं महाराष्ट्र में दशहरें के त्यौहार पर भी चुनाव का जबदरस्त असर दिखा। विजयादशमी के त्यौहार पर शिवसेना के दोनों गुटों ने रैलियां की। महाराष्ट्र चुनाव से पहले इस रैली में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने भीड़ के तौर पर अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।
रैलियां शिवसेना के दोनों धड़ों को अपनी शक्ति दिखाने का मंच बना। मुंबई के आजाद मैदान में शिवसेना द्वारा दशहरें पर ये कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनकी शिवसेना आजाद शिवसेना है।

एकनाथ शिंदे ने कहा हमें स्वयं को हिंदू कहने पर गर्व महसूस होता है लेकिन कुछ लोगों को शर्म आती है। उन्होंने कहा हमने इस शिव सेना को आजाद कराया है ये आजाद शिव सैनिकों की आजाद शिव सेना है।
बता दें एकनाथ शिंदे की शिवसेना से बगावत के बाद दो धड़ों में बंटी शिवसेना अलग-अलग रैलियां कर रही है। लगातार दूसरी बार आज शिव सेना के दोनों गुटों ने अलग-अलग रैलियां की और अपना शक्ति प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि बाला साहेब द्वारा शुरू की गई शिवसेना 1960 से लगातार दशहरा रैलियों का आयोजन करती आ रही है। इसकी शुरुआत पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने की थी। ये रैलियाँ न केवल पार्टी की राजनीतिक रणनीति में महत्वपूर्ण रही हैं, बल्कि इसके वार्षिक समारोहों की आधारशिला भी रही हैं।
इस साल की रैली खास तौर पर ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है। चुनावों के मद्देनजर, यह रैली शिवसेना के दोनों गुटों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वे चुनावी लड़ाई से पहले अपने समर्थन आधार को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
जैसे-जैसे महाराष्ट्र का राजनीतिक परिदृश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार हो रहा है, इन रैलियों का महत्व और उनके माध्यम से दिए जाने वाले संदेश शिवसेना के दोनों गुटों की चुनावी रणनीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना है।












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