3 बार महाराष्ट्र के CM रहे, रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री पद भी संभाला; ऐसा रहा शरद पवार का राजनीतिक सफर
शरद पवार ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। आइए जानते है शरद पवार का राजनीतिक सफर कैसा रहा है...

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस बीच महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर भूचाल सा आ गया है। हालांकि, अभी तक शरद पवार ने अपने इस इस्तीफे को लेकर कोई वजह नहीं बताई है। एनसीपी महाराष्ट्र के महा-विकास अघाड़ी गठबंधन में सहयोगी है। आइए जानते है शरद पवार का राजनीतिक सफर कैसा रहा है...
शरद पवार पूरा नाम है शरद गोविंदराव पवार। इनका जन्म 12 दिसंबर 1940 को पुणे के बारामती गांव में हुआ था। इनके पिता गोविंदराव पवार नीरा नहर सहकारी समिति के सचिव के पद पर कार्यरत थे। वहीं, मां शारदाबाई साल 1938 में पुणे जिला स्थानीय बोर्ड शिक्षा समिति की अध्यक्ष रहीं। वर्तमान समय में देश की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार का नाम प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों में शुमार है। महाराष्ट्र के 3 बार मुख्यमंत्री रहे हैं। शरद पवार ने रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री के पद पर भी काम किया है।
56 साल पहले रखा था राजनीति में कदम
पुणे विश्वविद्यालय ब्रिहन महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स से तालिम हासिल कर चुके शरद पवार की पढ़ाई के साथ राजनीति में रुचि थी। साल 1967 में राजनीति में उन्होंने अपना पहला कदम रखा। भारतीय युवक कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई में अध्यक्ष बने। इसके बाद तो जैसे उनका राजनीतिक सफर रफतार पकड़ने लगा। इसी साल यानी 1967 में ही उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव बारामती क्षेत्र लड़ा और जीत हासिल की। साल 1984 में बारामती से ही पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत का ताज पहना।
साल 1988 से 1991 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। 1991 में वे 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए। इसी साल से 1993 तक उन्होंने रक्षा मंत्री के रूप में काम किया। इसके बाद 1993 से 1995 तक दूसरी बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। साल 1999 में कांग्रेस से जुदा होकर तारिक अनवर और पीए संगमा संग नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गठन किया। जनता पार्टी से जुड़कर गठबंधन के साथ महाराष्ट्र के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने।
पवार का पावरफुल परिवार
महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार का परिवार राजसी विरासत रखता है। लंबे अरसे से राज्य की सियासत में हावी भी रहा है। शरद पवार के पिता गोविंद राव पवार ने बारामती के गन्ना उत्पादकों को एकजुट कर सहकारी समिति बनाई थी। 11 भाई-बहनों में शरद पवार सबसे आगे निकले। इनके बड़े भाई वसंतराव पवार गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से भिड़ंत के दौरान जान गंवा बैठे। दूसरे भाई अनंत राव प्रसिद्ध फिल्म निर्माता वी शांताराम ने प्रभात स्टूडियो में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। वहीं, तीसरे नंबर के भाई प्रतापराव पवार प्रमुख मराठी दैनिक 'साकाल' के मालिक हैं।












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