NCP Crisis: कैसे देवेंद्र फडणवीस की गुगली पर क्लीन बोल्ड हो गए शरद पवार? जानिए
NCP Politicsl Crisis: महाराष्ट्र में ठीक करीब एक साल पहले एकनाथ शिंदे की बगवात की वजह से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी। एक साल बाद अजित पवार के विद्रोह की वजह से एमवीए गठबंधन के मुख्य शिल्पकार माने जाने वाले शरद पवार की एनसीपी भी टूट गई है।
अजित पवार भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की सरकार में ही उपमुख्यमंत्री के तौर पर शामिल हुए हैं और उनके समर्थक एनसीपी नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है।

सिर्फ 80 घंटे चली थी, फडणवीस-अजित पवार सरकार
राजनीतिक संयोग देखिए कि 2019 में विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने दोबारा आनन-फानन में सीएम पद की शपथ ली थी और उनके साथ अजित पवार की डिप्टी सीएम के तौर पर ताजपोशी हुई थी। लेकिन, फडणवीस-पवार की सुबह-सुबह वाली वह सरकार सिर्फ करीब 80 घंटे ही टिक सकी थी।
बीजेपी-अजित पवार की सरकार के पीछे आया था शरद पवार का नाम
दरअसल हाल ही में देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि 2019 में शरद पवार ने पहले बीजेपी को समर्थन देने के लिए हामी भरी थी। इसपर एनसीपी चीफ शरद पवार ने भी बयान दिया कि फडणवीस ने जिस तरह से शपथ ली थी, वह उनकी गुगली का ही नतीजा था। क्योंकि, वह गुगली उन्होंने बीजेपी की सत्ता की कथित लालच को बेनकाब करने के लिए फेंकी थी। पवार के मुताबिक उनकी गुगली को समझने में बीजेपी नाकाम रह गई।
वे मेरी गुगली को कभी समझ ही नहीं पाए-पवार
पवार ने हाल में कहा था, 'वे (बीजेपी/फडणवीस) मेरी गुगली को कभी समझ ही नहीं पाए। वह अपनी विकेट गंवा बैठे। वे नहीं जानेंगे, क्योंकि 'गुगली' की तकनीक सिर्फ बॉलर ही जानता है।' लेकिन, रविवार को एनसीपी जिस तरह से लुटी-पिटी हुई दिखाई पड़ी है, उससे लगता है कि इस बार फडणवीस की गुगली को समझ पाने में शरद पवार फेल हो गए हैं।
फडणवीस की गुगली से क्लीन बोल्ड हुए पवार!
भाजपा नेता फडणवीस ने पवार के बयान के बाद 29 जून को कहा था, 'मुझे बहुत खुशी है कि कम से कम सच मैंने पवार साहब के मुंह पर लाया। लेकिन, ये भी आधा सच है। बचा हुआ सच भी जल्दी बाहर लाऊंगा। मैं भी गुगली फेकूंगा और बचा हुआ सच बाहर आएगा.......' राजनीतिक पंडितों की मानें तो दरअसल, गुगली नहीं, फडणवीस ने तो ऐसा यॉर्कर फेंक दिया है, जिससे प्रदेश की राजनीति के चाणक्य हिट विकेट हो गए हैं।
शरद पवार के सामने अपनी बनाई पार्टी बचाने का संकट
क्योंकि, अजित पवार ने सिर्फ भाजपा-शिवसेना का साथ ही नहीं थामा है, बल्कि दावा किया है कि 'पूरी एनसीपी मेरे साथ है और हम एनसीपी के रूप में सरकार में शामिल हुए हैं। हम भविष्य में निकाय, विधानसभा और पार्लियामेंट का चुनाव भी इसी नाम पर चिन्ह पर लड़ेंगे।'
जब उनसे पूछा गया कि एनसीपी भारतीय जनता पार्टी के साथ कैसे गठबंधन सकती है तो वे बोले जब एनसीपी शिवसेना (उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली) और नगालैंड में बीजेपी के साथ गठबंधन कर सकती है तो महाराष्ट्र में शिंदे की शिवसेना और बीजेपी के साथ भी जा सकती है।












Click it and Unblock the Notifications