Mumbai AQI Today: प्रदूषण ने बढ़ाई मायानगरी की टेंशन, घुल रहा हवा में जहर! क्या है बढ़ते AQI का कारण?
Mumbai AQI Today: मुंबई की सुबह पिछले कुछ दिनों की तरह आज भी भारी और धुंधली रही। जैसे-जैसे दिसंबर आगे बढ़ रहा है, शहर की हवा में मौजूद धूल और जहरीले कण लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बढ़ता हुआ एयर क्वालिटी इंडेक्स साफ दिखाता है कि मुंबई की सांसें अब सामान्य नहीं रहीं। लगातार निर्माण कार्य, भारी यातायात और ठंडी स्थिर हवाओं ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया है, जिसमें हर सांस लेने से पहले सोचना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात नहीं बदले, तो मुंबई भी उन शहरों की सूची में शामिल हो सकती है जहां सर्दियों में हवा बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच जाती है।
ताज़ा आंकड़ों के अनुसार शहर का समग्र AQI 277 दर्ज किया गया, जो हानिकारक श्रेणी में आता है। हवा में मौजूद PM 2.5 का स्तर 118 रहा, जिसे अस्वस्थ माना जाता है, जबकि PM 10 का स्तर 151 दर्ज किया गया, जो भी अस्वस्थ श्रेणी में शामिल होता है। ये सभी आंकड़े बताते हैं कि मुंबई की हवा सामान्य लोगों के साथ-साथ संवेदनशील वर्ग के लिए भी नुकसानदेह बनी हुई है। AQI का 200 से 300 के बीच का स्तर लोगों में सांस की समस्या बढ़ा सकता है, खासकर जब प्रदूषण कई घंटों या दिनों तक बना रहे।

स्वास्थ्य पर सीधा असर
इस तरह की हवा में लंबे समय तक रहना आंखों में जलन, खांसी, सीने में भारीपन और सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्तर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए अधिक जोखिम भरा है। प्रभावित लोगों को सुबह की सैर, तेज गतिविधियों और लंबे समय तक बाहर रहने से बचने की सलाह दी गई है। घर की खिड़कियां बंद रखने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने से प्रदूषण के असर को कम किया जा सकता है।
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प्रदूषण बढ़ने के लिए स्थानीय स्रोत सबसे बड़े दोषी
मुंबई का वायु प्रदूषण ज्यादातर स्थानीय गतिविधियों से बढ़ रहा है। शहर में चल रहे बड़े निर्माण प्रोजेक्ट-खासकर मेट्रो, सड़कों और रियल एस्टेट की गतिविधियों से उठने वाली धूल प्रदूषण का मुख्य कारण है। कई स्थानों पर धूल नियंत्रण के उपाय पर्याप्त नहीं दिख रहे, जिससे हवा और बिगड़ रही है।
मुंबई की सड़कों पर लाखों वाहन रोज़ाना चलते हैं। ट्रैफिक जाम और धीमी गति से चलने वाले वाहनों से निकलने वाला धुआं लगातार हवा को खराब कर रहा है। दिसंबर में हवा का प्रवाह धीमा हो जाता है और तापमान थोड़ा नीचे आता है। इस वजह से प्रदूषक ऊपर नहीं उठते और जमीन के पास जमा रहते हैं, जिससे हवा और भारी हो जाती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो मुंबई की हवा 'बहुत हानिकारक' या 'गंभीर' श्रेणी में जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार शहर में धूल नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत करनी होगी। ट्रैफिक को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर तुरंत काम होना चाहिए। लगातार मॉनिटरिंग और सख्त अमल से ही हवा की स्थिति सुधर सकती है।












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