Mumbai Mayor Election: कौन हैं वो 5 महिलाएं जो बन सकती हैं मेयर? रेस में Tejasvee-Shinde से लेकर Shah तक
Mumbai Mayor Election 2026: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में मेयर पद के लिए आरक्षण लॉटरी पूरी हो चुकी है। इस बार भी मेयर पद महिला कोटे में आ गया है। मतलब मुंबई का अगला मेयर भी महिला होगी। यह लगातार आठवीं बार होगा जब मुंबई मेयर का पद किसी महिला के हाथ में जाएगा। बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना के पास 227 सदस्यीय सदन में बहुमत (118 पार्षद) है, जिससे वे आसानी से अपना मेयर चुन सकते हैं।
महाविकास अघाड़ी (उद्धव शिवसेना 65 + कांग्रेस 24) बहुमत से काफी पीछे है। अब सवाल यह है कि बीजेपी-शिवसेना गठबंधन किस महिला पार्षद को मेयर बनाएगा? राजनीतिक गलियारों में 5 नाम सबसे तेजी से चर्चा में हैं। आइए जानते हैं इन 5 महिलाओं के बारे में और उनकी मेयर बनने की संभावनाएं...

मेयर पद महिला कोटे में: लॉटरी ने खोला रास्ता
महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग ने लॉटरी सिस्टम से बीएमसी सहित 29 नगर निगमों में मेयर पद का आरक्षण तय किया। मुंबई में यह पद 'ओपन कैटेगरी महिला' के लिए आरक्षित हुआ। मतलब कोई भी महिला पार्षद, चाहे किसी भी जाति या वर्ग से हो, मेयर बन सकती है। पिछली बार विशिष्ट आरक्षित श्रेणी होने के कारण इस बार अनारक्षित (ओपन) रखा गया। इससे बीजेपी और शिवसेना को अपनी मजबूत महिला चेहरों को आगे करने की पूरी छूट मिल गई है।
रेस में सबसे आगे: तेजस्वी घोसालकर (Tejasvee Ghosalkar-Ward 2)
बीजेपी की तेजस्वी घोसालकर को इस समय सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने वार्ड नंबर 2 से जीत दर्ज की है। तेजस्वी पार्टी में काफी सक्रिय हैं और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखती हैं। उनकी राजनीतिक समझ और संगठन में अच्छी पकड़ के कारण उन्हें मेयर पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सीमा शिंदे (Seema Shinde-Ward 14): शिंदे गुट की मजबूत दावेदार
वार्ड 14 से जीतीं सीमा शिंदे शिंदे गुट की शिवसेना की प्रमुख महिला चेहरों में शुमार हैं। सीमा पार्टी में काफी सक्रिय हैं और स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहती हैं। शिंदे गुट के लिए यह पद राजनीतिक संतुलन के लिहाज से भी अहम है। अगर गठबंधन में शिंदे गुट को कोई बड़ा हिस्सा चाहिए, तो सीमा शिंदे का नाम सबसे आगे आ सकता है।
जिज्ञासा शाह (Jignasa Nikunj Shah-Ward 15): बीजेपी की युवा और ऊर्जावान उम्मीदवार
वार्ड 15 से जीतीं जिज्ञासा शाह बीजेपी की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। जिज्ञासा काफी ऊर्जावान हैं और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। उनकी युवा छवि और पार्टी में बढ़ती सक्रियता उन्हें मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। बीजेपी अगर नई पीढ़ी को मौका देना चाहे, तो जिज्ञासा शाह का नाम सबसे आगे आ सकता है।
श्वेता कोरगावकर (Shweta Korgaonkar-Ward 16): अनुभवी और स्थानीय पकड़ वाली नेता
वार्ड 16 से जीतीं श्वेता कोरगावकर बीजेपी की अनुभवी महिला नेताओं में शुमार हैं। श्वेता का स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रभाव है और वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। उनकी अनुभव और पार्टी में पुरानी पकड़ उन्हें मेयर पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।
शिल्पा सांगुरे (Shilpa Sangure-Ward 17): शिंदे गुट की एक और मजबूत दावेदार
वार्ड 17 से जीतीं शिल्पा सांगुरे भी शिंदे गुट की शिवसेना से हैं। शिल्पा स्थानीय मुद्दों पर मुखर रहती हैं और पार्टी में अच्छी सक्रियता दिखाती हैं। अगर शिंदे गुट को मेयर पद पर दावा करना हो, तो शिल्पा का नाम भी मजबूत दावेदारों में शामिल है।
सियासी समीकरण: बहुमत बीजेपी-शिंदे के पास
बीजेपी ने 89 और शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं। कुल 118 पार्षदों के साथ उनके पास स्पष्ट बहुमत है। उद्धव शिवसेना (65) और कांग्रेस (24) मिलकर भी बहुमत से पीछे हैं। ऐसे में मेयर पद महायुति के पास ही रहेगा। अब सवाल सिर्फ यह है कि बीजेपी अपनी महिला पार्षदों में से किसे चुनती है या शिंदे गुट को कोई बड़ा हिस्सा देती है या नहीं।
मुंबई अब 8वीं महिला मेयर का इंतजार कर रहा है। इन 5 महिलाओं में से कौन बनेगी मुंबई की पहली नागरिक, यह कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। यह चुनाव न सिर्फ मुंबई की राजनीति, बल्कि महिलाओं की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक बनेगा।












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