Mumbai Local Train: पश्चिम रेलवे ने बुजुर्ग यात्रियों के लिए किया बड़ा ऐलान, 50 हजार लोगों को मिलेगा लाभ
Mumbai Local Train: मुंबई में लोकल ट्रेनों से सफर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी की खबर सामने आई है। पश्चिम रेलवे नेवरिष्ठ यात्रियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब लोकल ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष डिब्बा होगा। यह कदम उन 50,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगा जो हर दिन इस नेटवर्क पर यात्रा करते हैं और भीड़भाड़ के कारण मुश्किलों का सामना करते हैं।
वर्तमान में, मुंबई की लोकल ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रति ट्रेन केवल 14 सीटें आरक्षित हैं। ये सीटें आमतौर पर चर्चगेट छोर से तीसरे और बारहवें कोच में होती हैं। लेकिन, पीक आवर्स के दौरान भारी भीड़ के कारण इन सीटों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे कई बुजुर्ग यात्रियों को खतरनाक परिस्थितियों में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

वरिष्ठ नागरिकों को होगी आसानी
पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए, पश्चिम रेलवे प्रत्येक ट्रेन में एक लगेज डिब्बे को वरिष्ठ नागरिक डिब्बे में बदल देगा। योजना में डब्ल्यूआर की सभी 105 नॉन-एसी लोकल ट्रेन रेक शामिल हैं, जिनमें 90 बारह कोच और 15 पंद्रह कोच वाली ट्रेनें हैं। इन विशेष डिब्बों में 13 यात्रियों के बैठने और 91 के खड़े रहने की जगह होगी, जिससे बुजुर्ग यात्रियों के लिए पहुंच और आराम में काफी सुधार होगा।
कोर्ट के पीआईएल की गई थी ये डिमांड
यह फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) के बाद लिया गया है, जिसमें बुजुर्ग यात्रियों के सामने आने वाले खतरों पर प्रकाश डाला गया था और उनके लिए विशेष डिब्बों की मांग की गई थी, जैसे कि विकलांग यात्रियों के लिए होते हैं।
कितना आएगा खर्च, कब शुरू होगी ये व्यवस्था
पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि लगेज डिब्बे को वरिष्ठ नागरिक डिब्बे में बदलने की इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹5.4 करोड़ है और इसे एक साल के भीतर पूरा करने की योजना है। रूपांतरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, और सभी नॉन-एसी रेक को धीरे-धीरे कवर किया जाएगा। यह विशेष डिब्बा चर्चगेट छोर से सातवें कोच में होगा, जो वर्तमान में एक लगेज डिब्बे के रूप में काम करता है।
बुजुर्गों का सफर होगा सुहाना
पश्चिम रेलवे के अनुसार, प्रत्येक लोकल ट्रेन में दो लगेज डिब्बे होते हैं। इनमें से एक को वरिष्ठ नागरिक डिब्बे में बदल दिया जाएगा। प्रत्येक ट्रेन में बाकी बचे लगेज डिब्बे अपने मूल उद्देश्य को पूरा करते रहेंगे। पश्चिम रेलवे रोजाना 1,406 लोकल सेवाएं संचालित करता है, जिसमें 30 लाख से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। भारी भीड़ के लिए जाने जाने वाले इस नेटवर्क में गंभीर सुरक्षा चुनौतियां हैं, खासकर बुजुर्गों के लिए, जिन्हें अक्सर सुरक्षित रूप से चढ़ने या उतरने में कठिनाई होती है।
क्या बोले बुजुर्ग नागरिक?
पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य मौजूदा ट्रेन कॉन्फ़िगरेशन में बदलाव किए बिना वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम और सुरक्षा में सुधार करना है। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।












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