Maharashtra: क्या है मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना, जिससे किसानों को होगा ये फायदा
महाराष्ट्र सरकार मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना शुरू की है। किसानों को बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने योजना शुरू की है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड किसानों को कृषि के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर पैनल लगाएगी।
क्या है ये मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा योजना?
इसके अंतर्गत 2 से 10 मेगावाट तक की क्षमता वाली सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन्हें कृषि प्रधान क्षेत्रों में सबस्टेशनों के 5 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया जा रहा है। सरकार ने अधिग्रहण भूमि के लिए पट्टे की दरें निर्धारित की हैं, जिसमें सरकारी भूमि के लिए 30 वर्षों के लिए 1 रुपये और निजी भूमि के लिए 3000 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर तय की गई है।

जानें क्या है उद्देश्य?
सराकर की इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि उपयोग के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस योजना के लिए 3,700 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं। इसका उद्देश्य 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराकर और बिजली बिल कम करके बड़ी संख्या में किसान परिवारों को लाभ पहुंचाना है। इस योजना का राज्य के सभी किसानों को लाभ होगा।
पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को महाराष्ट्र का मूल निवासी होना चाहिए और उनके पास खेती के लिए अपनी जमीन होनी चाहिए। जमीन कानूनी तौर पर किसान के स्वामित्व वाली होनी चाहिए। किसान, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां चीनी मिलें और कृषि पंचायतें इसके पात्र होंगे।












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