Maharashtra Elections: अणुशक्ति नगर से शिवसेना का बड़ा दांव, अविनाश राणे को MLA बनने का मौका
महाराष्ट्र चुनाव को लेकर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) अपने कैंडिडेट्स चुन- चुनकर उतार रही है। पार्टी की कैंडिडेट्स लिस्ट में कुछ ऐसे नाम शामिल हैं, जो महायुति समेत अन्य दलों के कैंडिडेट्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। अविनाश राणे का नाम उन्हीं उम्मीदवारों की सूची में शामिल है। राणे अणुशक्ति नगर से शिवसेना कैंडिडेट्स हैं। वे महाविकास अघाड़ी गठबंधन के उम्मीदवार पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि उनकी जीत पक्की है।
मुंबई के 36 निर्वाचन क्षेत्रों में से अणुशक्ति नगर विधानसभा क्षेत्र पर भी इस बार मुकाबला कुछ अलग होगा। इस क्षेत्र में दोनों राष्ट्रवादी दलों के झगड़े में शिंदे गुट के उम्मीदवार अविनाश राणे का पलड़ा भारी माना जा रहा है। यहां से शिवसेना शिंदे गुट से अविनाश राणे, राष्ट्रवादी के अजित पवार गुट से सना मलिक, राष्ट्रवादी के शरद पवार गुट से फहाद अहमद, और मनसे के नवीन आचार्य के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला होगा। जिसमें शिवसेना (शिंदे गुट) को सीधा लाभ मिलता दिख रहा है।

शिंदे गुट ने पिछले कुछ दिनों से यहां ध्यान केंद्रित किया है, अविनाश राणे जैसे आक्रामक और लोकप्रिय चेहरे की वजह से यह मुकाबला शिंदे गुट के लिए आसान बताया जा रहा है।
मलिक की लोकप्रियता में गिरावट
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक यहां से विधायक रह चुके हैं। 2009 और 2019 में उन्होंने यहां से विधायक पद संभाला था। 2014 में उनका शिवसेना के उम्मीदवार से हार हुई थी। अब नवाब मलिक की जगह उनकी बेटी सना मलिक शेख इस सीट से चुनाव लड़ रही हैं। नवाब मलिक के जेल जाने के बाद सना ने ही इस निर्वाचन क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली।
वहीं भाजपा ने नवाब मलिक की उम्मीदवारी का विरोध करने के बाद उनकी जगह उनकी बेटी को टिकट दिलवाया। भाजपा का विरोध, आतंकवादियों से संबंध होने के आरोप और जेल यात्रा आदि कारणों से नवाब मलिक की इस क्षेत्र में पकड़ कमजोर हो गई है, ऐसा कहा जा रहा है। इसका फायदा यहां से शिंदे गुट को मिल सकता है, ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है।
इस निर्वाचन क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के वोटों का विभाजन होकर, हिंदुओं के वोट शिंदे गुट के पक्ष में जा सकते हैं, ऐसी गणनाएं भी की जा सकती हैं। 2014 में नवाब मलिक का शिवसेना के उम्मीदवार तुकाराम काटे से पराजय हुआ था। शिवसेना के तुकाराम काटे ने राष्ट्रवादी के नवाब मलिक को 1007 वोटों से हराया था। इस बार फिर से मतविभाजन का फायदा शिंदे गुट के उम्मीदवार को मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
शिवसेना के फायदे
2019 में अणुशक्तिनगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2 लाख 51 हजार 916 मतदाता थे। उस समय नवाब मलिक को 65,217 वोट और शिवसेना के उम्मीदवार तुकाराम काटे को 52,466 वोट मिले थे। यानी यहां शिवसेना का उम्मीदवार हमेशा पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। इस बार भी लगभग तीन लाख मतदाता हैं। भाजपा और शिंदे गुट ने इस निर्वाचन क्षेत्र में किए गए काम, चलाई गई योजनाएं, नए मतदाताओं के लिए चलाई गई मुहिम अविनाश राणे के लिए फायदेमंद साबित होंगी। इसके अलावा पिछले सालभर में शिंदे गुट के माध्यम से राणे ने कई योजनाएं सीधे मतदाताओं तक पहुंचाई हैं। जिसका उन्हें सीधा फायदा मिल रहा है।












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