Maharashtra: 'शिंदे गुट ही असली शिवसेना', जानें स्पीकर के फैसले की 5 बड़ी बातें
महाराष्ट्र में शिवसेना के दो गुट उद्धव और शिंदे की सियासी लड़ाई को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बुधवार को अंतिम रूप दिया। राहुल नार्वेकर ने अहम फैसला देते हुए शिंदे गुट को असली शिवसेना बताया। स्पीकर ने बहुमत को आधार बताया है। कहा कि 55 में से 37 विधायक शिंदे गुट के साथ थे और शिंदे को हटाने का अधिकार उद्धव को नहीं था और वो शिंदे को नेता पद से नहीं हटा सकते।
उधर, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद यूबीटी सेना नेता ने कहा कि यह नैतिकता से समझौता है। सेना बनाम सेना मामले में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वह इस फैसले से बिल्कुल भी आश्चर्यचकित नहीं हैं। आइए जानते हैं नार्वेकर के मुख्य फैसले...

स्पीकर राहुल नार्वेकर के मुख्य फैसले
- 21 जून, 2022 को जब प्रतिद्वंद्वी समूह उभरे तो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट 'असली शिवसेना'
- शिवसेना प्रमुख के पास किसी भी नेता को पार्टी से निकालने की शक्ति नहीं थी।
- सेना (यूबीटी) के सुनील प्रभु 21 जून, 2022 से सचेतक नहीं रहे।
- एकनाथ शिंदे पार्टी के वैध नेता थे जो नियमों के तहत ही पार्टी नेता बने।
- संविधान ने 'राष्ट्रीय कार्यकारिणी' (राष्ट्रीय कार्यकारिणी) को सर्वोच्च निकाय बनाया।












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