Maharashtra Earthquake: लातूर का वो विनाशकारी भूकंप, पलक झपकते ही लगा 10 हजार लाशों का ढेर
Maharashtra Earthquake: महाराष्ट्र के हिंगोली में बुधवार (10 जुलाई) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिसकी तीव्रता 4.5 मापी गई है। घबराए लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। बारिश के बीच नीचे कांपती धरती ने लोगों को 31 साल पहले राज्य के लातूर जिले में आए विनाशकारी भूकंप की दर्दनाक यादों को जाता कर दिया।
यह भूकंप भारतीय भूकंप विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। इस भूकंप ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि वैज्ञानिकों के बीच भी इसकी गहरी छाप छोड़ी। इस भूकंप में पलक झपकते लगभग 10 हजार लोगों की मौत हुई थी।आइए जानते हैं दिल दहलाने वाली विनाशकारी त्रासदी ....

बात 30 सितंबर 1993 की है। महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक विनाशकारी भूकंप आया, जिसने संपूर्ण राज्य को हिला कर रख दिया। यह भूकंप भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे घातक भूकंपों में से एक माना जाता है। इस भूकंप ने न केवल जान-माल की भारी क्षति की, बल्कि इससे संबंधित वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव लाए।
लातूर भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई थी। इसका केंद्र किलारी गांव के पास था, जो लातूर जिले में स्थित है। यह भूकंप सुबह करीब 3:30 बजे आया, जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और कई मकान धराशायी हो गए।
10 हजार लोगों की मौत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप में लगभग 10,000 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा, हजारों लोग घायल हुए और लाखों लोग बेघर हो गए। लातूर और उस्मानाबाद जिले के कई गांव पूरी तरह से नष्ट हो गए। मकानों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। भूकंप के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और दरारें भी देखने को मिलीं, जिससे राहत कार्यों में और अधिक कठिनाई हुई।
कब-कब भूकंप का शिकार हुआ महाराष्ट्र?
- कोयनानगर भूकंप (1967): 11 दिसंबर 1967 को कोयना नगर क्षेत्र में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें करीब 200 लोग मारे गए और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। यह भूकंप रात के समय आया, जब अधिकांश लोग सो रहे थे। भूकंप का केंद्र कोयना बांध के पास था, जो उस समय अपनी निर्माण प्रक्रिया में था।
- किलारी भूकंप (1993): 30 सितंबर 1993 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के किलारी गांव में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई थी। इस भूकंप में लगभग 10,000 लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए। यह महाराष्ट्र के इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है।
- नासिक भूकंप (2001): 23 मई 2001 को नासिक जिले में आए भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई थी। इसमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कुछ मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।












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