Maharashtra Covid: कोरोना केस में उछाल के बीच एक्सपर्ट बोले- अलार्मिंग हालात नहीं, लेकिन जांच बढ़ानी होगी
कोरोना वायरस के मामलों के कारण महाराष्ट्र की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मामलों के जानकार थोड़े परेशान हैं। हालांकि, इन्होंने आश्वस्त किया है कि अभी पैनिक जैसी स्थिति नहीं है और हालात अलार्मिंग नहीं हुए हैं। जानिए अपडेट

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने कहा, हालात अलार्मिंग नहीं लेकिन चिंताजनक जरूर हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 425 नए मामले रिपोर्ट किए जाने के बाद परिस्थितियों को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के माथे पर शिकन की लकीर उभरने लगी है। कई राज्यों में पिछले चार महीनों के बाद कोविड-19 केस में तेज उछाल देखा गया है।
शुक्रवार को, महाराष्ट्र में 425 नए कोविड -19 मामले दर्ज किए। इसके साथ ही राज्य में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 3,090 हो गई। इसमें से मुंबई ने 177 कोविड-19 मामले दर्ज किए। विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र में कोविड-19 की स्थिति चिंताजनक है लेकिन अभी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मुंबई में कोविड-19 पॉजिटिविटी रेट अब 13.6 फीसदी हो गया है।
दरअसल, मुंबई सहित महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे नागरिकों में यह डर पैदा हो रहा है कि इससे राज्य में एक और लहर आ सकती है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 937 हो गई। हालांकि, बढ़ते मामलों के बावजूद, शहर में परीक्षण की संख्या में पर्याप्त वृद्धि नहीं हुई है। 31 मार्च को टेस्ट की संख्या 1,299 थी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
महाराष्ट्र में कोरोना के ताजा हालात पर इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड में क्रिटिकल केयर की हेड और सीनियर कंसल्टेंट डॉ वैशाली सोलाओ ने कहा, "अधिकारियों को XBB1.16 स्ट्रेन पर नज़र रखने के लिए जीनोमिक टेस्टिंग पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें आरटीपीसीआर/आरएटी परीक्षण में तेजी लाने पर विचार करना चाहिए।
शहर भर में बिस्तर आवंटन की तैयारी भी शुरू कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्हें आम जनता के बीच कोविड-19 के उचित व्यवहार पर बार-बार जोर देने की जरूरत है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क अप जनादेश की जरूरत पड़ सकती है।












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