महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में 29 साल बाद हुआ सबसे अधिक मतदान, ज्यादा वोटिंग क्या दे रही संकेत?
Maharashtra Election Results 2024: महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव के लिए मतदान समाप्त होने के साथ ही एग्जिट पोल ने भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की संभावित जीत का संकेत दिया है। ये एग्जिट पोल विपक्षी महाविकास अघाड़ी के लिए बड़ा झटका है। हालांकि, अंतिम तस्वीर केवल अंतिम चुनाव परिणामों के साथ ही सामने आएगी, जो यह निर्धारित करेगा कि अगले पांच वर्षों तक महाराष्ट्र पर कौन शासन करेगा।
इस बार के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक मतदान हुआ, चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 65.1% से अधिक मतदान हुआ। 1995 के बाद इस बार के चुनाव में सर्वाधिक मतदान हुआ है। 1995राज्य में 71.69 प्रतिशत मतदान हुआ था। आइए जानते हैं अत्यधिक वोटिंग किस बात के संकेत दे रहे हैं?

एग्जिट पोल भले ही महायुति की सरकार बनाने की भविष्यवाणी कर रहे हैं लेकिन अत्यधिक वोटिंग परसेंटेज इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि महाराष्ट्र के वास्तविक परिणामों में बाजी पलट सकती है क्योंकि सामान्य तौर पर ये माना जाता है कि अत्यधिक वोटिंग यानी सरकार के प्रति वोटर्स गुस्से का वोटर्स का इजहार है। हालांकि ज्यादा वोटिंग का असर क्या होगा ये फाइनल परिणाम में ही सामने आएगा।
बात अगर 2019 के चुनावों में हुई वोटिंग की जाए तो पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 4 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा रिपोर्ट की गई 65.02 प्रतिशत मतदान के साथ बढ़ी हुई भागीदारी, जनमत में बदलाव का संकेत दे सकती है।
लोकसभा चुनाव में भी हुई थी अत्यधिक वोटिंग
इसी साल हुए लोकसभा चुनाव के महाराष्ट्र परिणाम इस बात का प्रमाण है। लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में 61.39 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि 2019 के विधानसभा चुनाव में 61.4 प्रतिशत से कहीं अधिक मतदान हुआ था। चुनाव परिणाम में भाजपा वाले एनडीए गठबंधन को खराब परिणाम के तौर पर गहरा झटका लगा था।
पिछले तीन चुनावों में कैसा था वोटिंग पैटर्न ?
महाराष्ट्र में मतदान का पैटर्न लगातार बना हुआ है, जो पिछले चुनावों में 60 प्रतिशत के आसपास रहा है। यह प्रवृत्ति 2014, 2009 और 2004 के चुनावों में देखी गई थी, जिसमें मतदाता मतदान में मामूली उतार-चढ़ाव था। यह पैटर्न पिछले कुछ वर्षों में एक स्थिर भागीदारी स्तर का सुझाव देता है, जिसमें भाजपा और शिवसेना अक्सर पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरे हैं।
महाराष्ट्र के किन क्षेत्रों में हुआ रिकार्ड तोड़ मतदान
बता दें इस बार के चुनाव में गढ़चिरौली जिले में 69.63 फीसदी मतदान हुआ, जबकि मुंबई में अनुमानित 54 फीसदी मतदान हुआ। 2019 के चुनावों में, मुंबई का मतदान आंकड़ा 50.67% था। मुंबई के कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र, जहां 2019 में सिर्फ 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, वहीं पर इस साल 44.49 प्रतिशत मतदान बेहतर मतदान हुआ। कोल्हापुर जिले के करवीर निर्वाचन क्षेत्र में 84.79 फीसदी होने की उम्मीद है। मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक होने की उम्मीद है।
मराठवाड़ा में हुई अत्यधिक वोटिंग क्या करेगी खेला?
हालांकि, इस चुनाव में मतदाता मतदान में वृद्धि, विशेष रूप से मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में 60 प्रतिशत भागीदारी दर के साथ, संभावित रूप से अलग परिणाम का संकेत है। मराठवाड़ा, जो अपने प्रभावशाली मराठा नेता मनोज जरांगे के लिए जाना जाता है, चुनाव परिणामों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हरियाणा में क्या हुआ था?
हालांकि अन्य राज्यों के चुनाव परिणाम की बात की जाए तो हरियाणा के हालिया चुनाव पिछले वर्षों के समान मतदान प्रतिशत अक्सर मौजूदा सरकार के बने रहने का परिणाम होता है। हरियाणा में भाजपा सरकार अपने वोटिंग शेयर में मामूली वृद्धि के साथ फिर से चुनी गई, जिसने इस पैटर्न को पुष्ट किया कि सरकार के सत्ता में बने रहने के लिए हमेशा अत्यधिक मतदाता मतदान आवश्यक नहीं होता है। इससे साफ है कि चुनाव में मतदाताओं की बढ़ी हुई भागीदारी अहम है लेकिन यह नेतृत्व में बदलाव की गारंटी नहीं देती है।












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