'कांग्रेस को जीरो से करनी होगी शुरुआत', महाराष्ट्र में सीट बंटवारे पर संजय राउत का सख्त रुख
लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं। वैसे-वैसे कांग्रेस के विपक्षी गठबंधन के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र राज्य में सीटों के लिए विपक्षी गठबंधन को सौदेबाजी करने में कठिनाई होगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी (कांग्रेस) को सीटों के लिए बातचीत "शून्य" से शुरू करनी होगी। क्योंकि उसने 2019 में राज्य में कोई भी निर्वाचन क्षेत्र नहीं जीता था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से कहा है कि जिन सीटों पर शिवसेना ने जीत हासिल की है, उन पर अन्य सीटों की तुलना में बाद में चर्चा होगी। 2019 का चुनाव शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ा था और 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, वे महीनों बाद अलग हो गए।

आपको बता दें कि पिछले साल यानी 2022 में, एकनाथ शिंदे ने पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा की और अधिकांश सांसदों और विधायकों के साथ बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया। जिसके बाद महाराष्ट्र की सियासत में उलटफेर हुआ और शिंदे बीजेपी के समर्थन से राज्य के सीएम बन गए। उधर, संकट में घिरे शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट, शिवसेना (यूबीटी) अभी भी एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन में है।
'...जीती हुई सीटों पर बाद में चर्चा'
संजय राउत ने कहा कि यह महाराष्ट्र है और शिवसेना यहां सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है...उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के निर्णय लेने वाले नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं। हमने हमेशा कहा है कि लोकसभा चुनाव में शिवसेना हमेशा 23 सीटों पर लड़ती रही है और हमारी (भारत गठबंधन) बैठक के दौरान, हमने फैसला किया कि जिन सीटों पर हमने जीत हासिल की है, उन पर बाद में चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने महाराष्ट्र में एक भी सीट नहीं जीती, इसलिए उन्हें शून्य (सीटों) से शुरुआत करनी होगी। लेकिन, महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) में कांग्रेस हमारे लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी है।
अपने-अपने राज्यों में अकेले चुनाव लड़ेंगे दल!
कई इंडिया गठबंधन नेताओं ने संकेत दिया है कि वे अपने-अपने राज्यों में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही साफ कर दिया है कि टीएमसी ही एकमात्र पार्टी है जो बीजेपी को सबक सिखा सकती है। इंडिया गठबंधन पूरे देश में होगा। बंगाल में टीएमसी बीजेपी से लड़ेगी और उसे हराएगी। याद रखें, बंगाल में केवल टीएमसी ही बीजेपी को सबक सिखा सकती है, कोई अन्य पार्टी नहीं। आप नेता पहले ही दिल्ली और पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके हैं।
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