क्या महाराष्ट्र में निपट गई उद्धव की 'शिवसेना' ? ग्राम पंचायत चुनाव में BJP-शिंदे 'सेना' की बड़ी जीत का दावा
मुंबई, 20 सितंबर: महाराष्ट्र की चुनावी राजनीति में बहुत ही ज्यादा उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। रविवार को राज्य के 16 जिलों में 581 ग्राम पंचायतों और सरपंचों के लिए वोट डाले गए थे। उसके जो नतीजे आए हैं, वह पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के लिए अच्छे नहीं लग रहे हैं। वैसे जीत के दावे-सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी दोनों की ओर से किए जा रहे हैं, लेकिन जो आंकड़े दिखाए जा रहे हैं, वह उद्धव के लिए बहुत ही खराब प्रदर्शन कहे जा सकते हैं। हालांकि, विपक्षी एमवीए में शरद पवार की एनसीपी ने कांग्रेस और उद्धव की सेना दोनों को पीछे छोड़ दिया लगता है। लेकिन, बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना की ओर से बड़ी जीत के दावे किए जा रहे हैं।

बीजेपी-शिंदे गुट ने किया बड़ी जीत का दावा
महाराष्ट्र में हाल ही में हुए ग्राम पंचायत चुनावों में सत्ताधारी भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और मुख्य विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन दोनों ने ही अपने-अपने जीत के दावे किए हैं। लेकिन, सत्ताधारी गठबंधन ने आंकड़ों के साथ जो दावे किए हैं, उसे देखने से लग रहा है कि एमवीए की तीनों घटक दलों- उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में सबसे बड़ी पार्टी यानी उद्धव की पार्टी को इन चुनावों सबसे बड़ा झटका लगा है। पंचायत चुनावों के लिए राज्य के 16 जिलों में 581 पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे।

महाराष्ट्र में निपट गई उद्धव की 'शिवसेना' ?
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक बीजेपी ने इन चुनावों में 581 पंचायतों में से 274 सीटें जीतने का दावा किया है, जबकि उसकी सहयोगी शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के खाते में 41 सीटें जाने की बात कही गई है। वहीं पार्टी ने विपक्षी एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की 'सेना' के खाते में क्रमश: 62, 37 और 12 सीटें जाने का दावा किया है। अगर वास्तविक परिणाम इसी तरह से हैं तो एमवीए की तीनों घटक दलों में उद्धव की शिवसेना इस चुनावी लड़ाई में 'निपट' गई लगती है!

हम 300 से ज्यादा पंचायत जीते- मुख्यमंत्री शिंदे
महाराष्ट्र पंचायत चुनाव के नतीजों से सत्ताधारी गठबंधन की खुशी का ठिकाना नहीं है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा है, 'यह महाराष्ट्र के लोगों की ओर से शिवसेना और बीजेपी गठबंधन पर पुष्टि की मुहर है।' रविवार को हुए चुनाव में करीब 76 फीसदी वोटिंग हुई थी। सीएम शिंदे ने कहा है कि 'यह भी साफ हो गया है कि हम सिर्फ शिंदे गुट नहीं हैं, बल्कि असली शिवसेना हैं और लोगों ने हमारे गठबंधन को स्वीकार कर लिया है और हम 300 से ज्यादा पंचायतों में जीते हैं। हम आने वाले चुनावों में भी मिलकर लड़ेंगे।' शिंदे जून में उद्धव ठाकरे से बगावत करके शिवसेना के 40 विधायकों के साथ निकले थे और बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी।

भाजपा के दावे गलत, हम जीते- एनसीपी
हालांकि, यह चुनाव पार्टी के आधार पर नहीं हुई है और राजनीतिक दलों ने अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों को उतारा था और उसी के हिसाब से अपनी सफलता का आकलन कर रहे हैं। इस चुनाव में ग्राम पंचायतों के अलावा ग्राम सरपंचों के पद के लिए भी सीधी वोटिंग हुई थी। यही वजह है कि एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने बीजेपी की जीत के दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि चुनावों में एमवीए को जीत मिली है। उन्होंने कहा, 'क्योंकि चुनाव आयोग की ओर से ग्राम पंचायत चुनावों के लिए कोई भी पार्टी चिन्ह आवंटित नहीं किया गया था, इसलिए हर कोई जीत का दावा कर सकता है। बीजेपी-शिंदे गुट के दावों में कोई सच्चाई नहीं है, बल्कि इसके उलट असली तथ्य यह है कि एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस, मतलब ग्राम पंचायत चुनावों में बीजेपी-शिंदे गुट के मुकाबले एमवीए जीती है और उसे स्पष्ट बहुमत मिला है।'

50 फीसदी सरपंच हमारे समर्थित- बीजेपी
इससे पहले महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी सोमवार को अपने गठबंधन की बड़ी जीत का दावा किया था। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि तब तक हुई मतगणना के आधार पर भारतीय जनता पार्टी समर्थित 259 उम्मीदवारों की जीत हो चुकी थी। उन्होंने तब शिंदे गुट समर्थित 40 उम्मीदवारों के भी तबतक जीतने का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि नव-निर्वाचित 50 फीसदी से ज्यादा सरपंच शिंदे गुट वाली शिवसेना और बीजेपी समर्थित हैं। उन्होंने कहा था, 'ग्राम पंचायत के परिणाम ने आज शिंदे-फडणवीस सरकार में विश्वास जता दिया है।' महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री हैं। (तस्वीरें-फाइल)












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