BMC Election: उद्धव ठाकरे पर ताबड़तोड़ हमले करने वाले किरीट सोमैया की शिवसेना ने की बड़ी मदद, समझें इनसाइड गेम
BMC Election News: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव रोमांचक होता जा रहा है। उद्धव ठाकरे पर तीखे हमले करनेवाले किरीट सोमैया के बेट के खिलाफ शिवसेना ने कोई कैंडिडेट नहीं उतारा है। वार्ड नंबर 107 से बीजेपी की ओर से पूर्व सांसद के बेटे नील सोमैया कैंडिडेट हैं। उनके खिलाफ किसी भी बड़ी राजनीतिक पार्टी ने उम्मीदवार मैदान में नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम पर किरीट सोमैया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गॉड इज ग्रेट।
पूर्व सांसद ने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए कहा कि सब भगवान की मर्जी से होता है। किरीट सोमैया लंबे समय से उद्धव ठाकरे और उनके राजनीतिक खेमे के मुखर आलोचक रहे हैं। ऐसे में ठाकरे गुट, कांग्रेस, मनसे और शरद पवार गुट की एनसीपी द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारने को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।

Kirit Somaiya रहते हैं उद्धव ठाकरे पर हमलावर
किरीट सोमैया के बेटे नील मुलुंड के वार्ड नंबर 107 से उम्मीदवार हैं। उनके खिलाफ ठाकरे गुट, मनसे, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) का कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं बचा है। मुलुंड के बाकी पांच वार्डों में ये सभी पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं। नील सोमैया इससे पहले 2017 में भी इसी वार्ड से पार्षद चुने जा चुके हैं। नील दूसरी बार बीएमसी चुनाव लड़ रहे हैं। विरोधी दलों की गैरमौजूदगी के चलते उनकी राह काफी आसान मानी जा रही है। ठाकरे परिवार और शिवसेना (यूबीटी) पर किरीट सोमैया तीखे हमले करते हैं।
BMC Election News: बीजेपी का मजबूत इलाका है मुलुंड
- मुलुंड को लंबे समय से बीजेपी का गढ़ माना जाता है। यहां गुजराती और मारवाड़ी समुदाय की बड़ी आबादी है। यह समुदाय पारंपरिक तौर पर भाजपा का समर्थन करती रही है।
- विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी इस समुदाय ने बीजेपी के लिए ही वोटिंग की थी। ऐसे में वार्ड 107 से नील सोमैया की स्थिति पहले से ही मजबूत थी।
- मुंबई में ठाकरे गुट और शरद पवार गुट के बीच गठबंधन होने के कारण एनसीपी ने यहां से हंसराज दानानी को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव आयोग ने उनका नामांकन हलफनामा न लगाने के कारण खारिज कर दिया है।
- मुख्य विपक्षी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होते ही नील सोमैया के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं बची। हालांकि, इस वार्ड में वंचित बहुजन अघाड़ी समेत 9 निर्दलीय उम्मीदवार अभी भी मैदान में हैं।
- फिलहाल, राजनीतिक हालात नील सोमैया के पक्ष में पूरी तरह नजर आ रहे हैं।
BMC Election: 68 सीटों पर बिना वोटिंग के ही जीते महायुति कैंडिडेट
बीएमसी चुनाव इस बार काफी दिलचस्प हो गया है। बिना वोटिंग के ही 68 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने एक्शन लिया है। आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर को जांच करने का आदेश दिया है। रिटर्निंग ऑफिसर जांच करेंगे कि दूसरे दलों के उम्मीदवार और निर्दलीय कैंडिडेट किसी दबाव या प्रलोभन की वजह से तो पीछे नहीं हटे हैं। अंतिम रिपोर्ट आने तक निर्विरोध उम्मीदवारों के जीत के औपचारिक ऐलान पर रोक लगा दी गई है।












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