BJP Chief Bawankule का कटाक्ष, शिवसेना MLAs उद्धव को छोड़ सकते हैं तो निवेशक Maharashtra क्यों नहीं ?
BJP Chief Bawankule ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, शिवसेना विधायक उद्धव का साथ छोड़ सकते हैं तो निवेशक महाराष्ट्र छोड़कर दूसरे राज्यों में क्यों नहीं जा सकते ? BJP Chief Bawankule Dig
महाराष्ट्र से दूसरे राज्यों में जा रहे निवेशकों के मुद्दे पर महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख ने कहा, जब शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे को छोड़कर उनके विधायक दूसरी पार्टी बना सकते हैं, तो निवेशक महाराष्ट्र छोड़कर दूसरे राज्यों में क्यों नहीं जा सकते। बीजेपी चीफ बावनकुले ने कहा कि निवेशकों के जाने का दोष एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम फडणवीस की नई सरकार को देना ठीक नहीं।

दरअसल, महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य से निवेशकों का 'मोहभंग' और करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के प्रदेश से बाहर जाने के कारण हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर उद्धव ठाकरे पर रविवार को कटाक्ष किया। बावनकुले के बयान के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच जारी वाकयुद्ध को और हवा मिलने के संकेत हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सांगली जिले के अपने दौरे के दौरान, बावनकुले ने संवाददाताओं से कहा, अगर ठाकरे की पार्टी के विधायक उन्हें छोड़ सकते हैं, तो औद्योगिक परियोजनाएं महाराष्ट्र से बाहर क्यों नहीं जा सकतीं ? उन्होंने कहा कि निवेशकों के महाराष्ट्र से बाहर जाने के फैसलों का दोष एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली नई सरकार पर लगाया जाता है।
बकौल BJP Chief Bawankule, मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उद्धव ठाकरे ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) शासन के दौरान सहयोगियों - कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का प्रबंधन करने में समय बिता दिया। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री को इस बात की चिंता नहीं रही कि कोई उद्योग महाराष्ट्र में आता है या नहीं।
महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके बावनकुले ने कहा "यदि आप राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश लाना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री को उपलब्ध होना चाहिए। सीएम रहने के दौरान उद्धव ठाकरे 18 महीने तक मंत्रालय नहीं गए। वरिष्ठ अधिकारियों को उनसे अप्वाइंटमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
बावनकुले की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सरकार से बाहर हो चुकी शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस के नेता विपक्षी खेमे के रूप में महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार पर निवेशकों को रोकने में असफल होने और परियोजनाओं को महाराष्ट्र से हटकर दूसरे भाजपा शासित राज्यों में जाने देने के आरोप लगा रहे हैं। इस कड़ी में पूर्व सीएम उद्धव के बेटे और मंत्री रह चुके आदित्य ठाकरे ने रविवार को शिंदे सरकार को आड़े हाथों लिया। आदित्य ने कहा कि बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के लिए समर्पित विनिर्माण क्षेत्र की एक परियोजना भाजपा शासित मध्य प्रदेश चली गई। महाराष्ट्र को आर्थिक रूप से अलग-थलग किया जा रहा है।
सीएम शिंदे पर जमकर निशाना साधते हुए आदित्य ने उन्हें 'खोके सरकार' (khoke sarkar) करार दिया। उन्होंने कहा कि खोके सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। आदित्य ने एक मीडिया रिपोर्ट के साथ ट्वीट किया कि यह परियोजना 22 जून को महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA) ने बुटीबोरी, नागपुर के लिए प्रस्तावित की गई थी। हमें उद्योग मंत्री की अक्षमता के कारण 5 परियोजनाओं से वंचित कर दिया गया है।
बता दें कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी महाराष्ट्र से पांचवीं परियोजना के बाहर जाने और प्रदेश के आर्थिक नुकसान के लिए शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना-भाजपा सरकार की आलोचना की है। इनमें प्रियंका चतुर्वेदी और एनसीपी की सुप्रिया सुले सहित कई अन्य नेता शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र से ₹1.5 लाख करोड़ फॉक्सकॉन-वेदांत, ₹22,000 करोड़ टाटा एयरबस, मेडिकल ड्रग पार्क और बल्क ड्रग्स पार्क जैसी अन्य परियोजनाएं दूसरे राज्यों में जा चुकी हैं। तमाम प्रोजेक्ट्स भाजपा के नेतृत्व वाले गुजरात में गए हैं।
उथल-पुथल के बीच शुक्रवार (11 नवंबर) को उद्धव गुट के एक और सांसद शिंदे के पाले में चले गए। लोकसभा सांसद गजानन कीर्तिकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पक्ष में चले गए। शिंदे गुट की शिवसेना का नाम- बालासाहेबंची शिवसेना (Balasahebanchi Shiv Sena) है। एमवीए शासन के बाद से उद्धव कैंप से बगावत करने वाले 13 वें लोक सभा सांसद हैं। उद्धव के नेतृत्व वाली सरकार गत जून में गिर गई थी।












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