महाराष्ट्र चुनाव से पहले फडणवीस के करीबी विवेक कोल्हे ने शरद पवार से की मुलाकात, क्या छोड़ रहे भाजपा?
Kopargaon BJP youth leader Vivek Kolhe: महाराष्ट्र के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हाे गई है। वहीं विधानसभा चुनाव से पहले कोपरगांव के भाजपा युवा नेता विवेक कोल्हे ने एनसपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की।
वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की बैठक में भाग लेने के बाद दोनों नेता एक साथ यात्रा पर गए। इस मुलाकात से चर्चा तेज हो गई है कि क्या कोल्हे भाजपा छोड़कर किसी और पार्टी का दामन थामने वाले है।

बता दें महाराष्ट्र की कोपरगांव विधानसभा क्षेत्र पर दिवंगत वरिष्ठ सहकारी नेता शंकरराव कोल्हे और शंकरराव काले की गहरी पैठ रही है। 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में एनसीपी विधायक आशुतोष काले ने तत्कालीन भाजपा विधायक स्नेहलता कोल्हे को मात्र 800 वोटों से हराया था। इस क्षेत्र में दोनों परिवारों की राजनीतिक ताकत महत्वपूर्ण बनी हुई है।
फडणवीस का करीबी है कोल्हे परिवार
कोल्हे परिवार हमेशा से उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का करीबी रहा है। हालांकि, अजित पवार के महागठबंधन में शामिल होने से कोपरगांव में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। उम्मीद है कि कोपरगांव सीट उन्हें आवंटित की जाएगी।
तो क्या भाजपा से होगा अलग हो जाएंगे कोल्हे?
अनुमान है कि महायुति के सीट बंटवारे में आशुतोष काले को सीट मिल जाएगी, जिससे विवेक कोल्हे को वैकल्पिक पार्टियों पर विचार करना होगा। इस घटनाक्रम के कारण कोल्हे परिवार के पास सीमित विकल्प रह गए हैं, जिससे उन्हें भाजपा छोड़ने और अन्य राजनीतिक दलों का विकल्प तलाशना पड़ सकता है।
कोल्हे परिवार और शरद पवार का संबंध
कोल्हे परिवार का शरद पवार के साथ एक स्थापित रिश्ता है, जिन्होंने हाल ही में विवेक कोल्हे को वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की एक समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह संबंध कोल्हे के राजनीतिक भविष्य के बारे में उनके फैसले को प्रभावित कर सकता है।
विवेक कोल्हे जल्द कर सकते है बड़ा ऐलान
विवेक कोल्हे की शरद पवार के साथ हाल ही में हुई मुलाकात इस बात के संकेत दे रही है कि वो जल्द ही बड़ा ऐलान कर सकते हैं उनके लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए, यह फैसला उनकी चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कौन सी पार्टी में विवेक कोल्हे हो सकते हैं शामिल?
विवेक कोल्हे के लिए एक विकल्प उद्धव ठाकरे की शिवसेना में शामिल होना है। इस परिदृश्य में, वह अंतिम निर्णय लेने से पहले शरद पवार और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता विधायक बालासाहेब थोराट से परामर्श करेंगे।
कोल्हे चीनी मिल पर पड़ा था छापा
पिछले चुनाव अभियान के दौरान, विवेक कोल्हे को चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जब आयकर विभाग ने महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी चीनी मिल पर छापा मारा था, जहां वे अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। इन घटनाओं पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया न देने के बावजूद, इन घटनाओं ने उन पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ा है। माना जा रहा है कि वो बस सही मौके का इंतजार कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में होगा कड़ा मुकाबला
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही आशुतोष काले और विवेक कोल्हे दोनों ही एक और जोरदार मुकाबले की तैयारी में जुट गए हैं। काले ने पहले ही दो बार अजित पवार को कोपरगांव लाकर आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारी का संकेत दे दिया है।












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