बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: मुंबई पुलिस ने सभी आरोपियों पर लगाया मकोका, तीन अभी भी फरार
Baba Siddique Case: एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं। इन धाराओं में अब मकोका (MCOCA) भी शामिल है, जिससे आरोपियों के लिए बचना और भी मुश्किल हो गया है। अब तक इस मामले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें अधिकांश गिरफ्तारी महाराष्ट्र से हुई है, जबकि कुछ को यूपी और पंजाब से पकड़ा गया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन फरार आरोपियों की पहचान की है: शुभम लोनकर, निशान अख्तर और अनमोल बिश्नोई। विशेष रूप से, जब पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई की इस हत्याकांड में भूमिका का पता चला और उससे जुड़े सबूत मिले, तो मकोका की धाराएं जोड़ी गईं। इस जांच में क्राइम ब्रांच ने अनमोल को फरार घोषित कर दिया है।

क्या है मकोका?
महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) 1999 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाया गया था। इसका उद्देश्य राज्य में संगठित अपराधों को रोकना और विशेष कानूनी प्रावधानों के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। मकोका का दायरा संगठित अपराध, जबरन वसूली, हत्या, अपहरण, धमकी और अन्य गंभीर अपराधों तक फैला है। इस कानून को 2002 में दिल्ली में भी लागू किया गया था। एक्टर सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ भी मकोका लगाया गया था।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की घटना
बाबा सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर की रात हुई थी, जब वह अपने बेटे और पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के पास खड़े थे। उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटनाक्रम संगठित अपराधियों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण बन चुका है।
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