एनसीपी में फूट के बीच एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस के बीच देर रात तक चली बैठक, पढ़िए 5 बड़े अपडेट
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के बीच देर रात तक बैठक हुई है। दरअसल कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही महाराष्ट्र कैबिनेट का विस्तार हो सकता है, ऐसे में इस कैबिनेट विस्तार से पहले शिंदे और फडणवीस के बीच देर रात तक बैठक हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार यह बैठक देर रात 2 बजे तक चली है। शिवसेना और भाजपा गठबंधन में अजित पवार की एंट्री के बाद पॉवर शेयरिंग फॉर्मूले पर चर्चा को लेकर यह बैठक हुई थी। बता दें कि रविवार को एनसीपी से बगावत करते हुए अजित पवार ने एकनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

1- दरअसल इस तरह की रिपोर्ट सामने आई थी कि अजित पवार के सरकार में शामिल होने के बाद शिंदे खेमे के कुछ विधायकों ने इसपर आपत्ति जाहिर की थी। लेकिन शिंदे गुट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे और ना ही इस तरह की कोई योजना है।
2- शिंदे गुट की शिवसेना नेता उदय सावंत ने कहा कि हम इस्तीफा लेने वाले हैं, नाकि देने वाले। एकनाथ सिंदे का नेतृत्व सबको साथ लेकर चलने का है और धैर्य बनाए रखने वाला है। सभी सांसदों और विधायकों ने एकनाथ शिंदे में अपना भरोसा जताया है। ऐसे में जो भी रिपोर्ट सामने आ रही हैं वह एकनाथ शिंदे की छवि को खराब करने के इरादे से आ रही हैं।
3- एकनाथ शिंदे ने भी पार्टी के भीतर किसी तरह के मनमुटाव से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि अब हमारी सरकार तीन पार्टियों के साथ चल रही है। हमारे विधायकों की संख्या अब 200 के पार हो गई है। हारी सरकार और मजबूत हो गई है। हमे पीएम मोदी और अमित शाह का समर्थन है।
4- बता दें कि गुरुवार को शरद पवार ने 12 बागी विधायकों को निष्कासित कर दिया है, जिसमे अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल भी शामिल हैं। दिल्ली में एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद शरद पवार ने कहा कि पार्टी का अध्यक्ष मैं ही हूं। वहीं अजित पवार का कहना है कि इस बैठक की कानूनी वैद्यता ही नहीं है।
5- बैठक के बाद शरद पवार ने कहा कि मैं अभी भी प्रभावी हूं, फिर मेरी उम्र 82 हो या 92। उन्होंने कहा का पार्टी सुप्रीम है, मैं पार्टी के फैसलों से बंधा हूं। वहीं अजित पवार का कहना है कि उनका गुट ही इसली एनसीपी है, उन्होंने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा ठोका है। उनका कहना है कि हमारे पास 32 विधायकों का समर्थन है। जबकि शरद पवार के पास 14।












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