'Oh shit...Oh shit' महिला पायलट Shambhavi Pathak के आखिरी शब्द,क्यों नहीं कहा Mayday Mayday, कहां है Black box
Ajit Pawar Plane Crash pilot Shambhavi Pathak:महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी की सुबह जो हुआ, उसने देश को झकझोर कर रख दिया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार एक निजी जेट से मुंबई से बारामती जा रहे थे। लैंडिंग से ठीक पहले विमान हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में अजित पवार समेत पांच लोग एचसी विदिप जाधव (अजित के निजी सुरक्षा अधिकारी), कैप्टन सुमित कपूर (पायलट), कैप्टन शांभवी पाठक (को-पायलट) और पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट) की मौत हुई।
हादसे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की है, जब कॉकपिट में 'Mayday Mayday' नहीं गूंजा, बल्कि महिला पायलट सांभवी पाठक के आखिरी शब्द बताए जा रहे हैं-"Oh shit... Oh shit..."। आखिर उस पल क्या हुआ और आपातकालीन Mayday कॉल क्यों नहीं किया गया। प्लेन का डेटा रिकॉर्डर ब्लैक बॉक्स (Black Box) मिला या नहीं, अगर मिलेगा तो ये कैसे मदद करेगा जांच में। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

अजित पवार विमान हादसे का वक्त और जगह (Ajit Pawar Plane Crash Time And Location)
यह दुर्घटना सुबह करीब 8.45 बजे पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर हुई। Learjet 45 विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन VT-SSK था, VSR द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। फ्लाइट मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुई थी। मौसम में कोहरा था और विजिबिलिटी कम बताई जा रही है।
अजित पवार के साथ कौन-कौन थे विमान में?
इस विमान में अजित पवार के साथ उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर एचसी विदिप जाधव मौजूद थे। कॉकपिट में मेन पायलट कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक थीं। इसके अलावा फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी विमान में थीं। हादसे में सभी की जान चली गई।
पहली लैंडिंग फेल, दूसरी में पलटा विमान (Ajit Pawar Plan Landing Failed)
जानकारी के मुताबिक, पहली बार रनवे-11 पर लैंडिंग की कोशिश की गई, लेकिन कम विजिबिलिटी के कारण रनवे साफ नजर नहीं आया। पायलटों ने विमान को दोबारा ऊपर उठाया। कुछ देर बाद दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश हुई। इसी दौरान विमान रनवे से करीब 100 फीट पहले असंतुलित हो गया और पलटते हुए जमीन से टकरा गया।

टकराते ही धमाके और आग (Ajit Pawar Plane Fire)
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमीन से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और विमान में आग लग गई। इसके बाद 4 से 5 छोटे धमाके और सुनाई दिए। आग इतनी तेजी से फैली कि पास पहुंचे लोग भी मदद नहीं कर सके। कुछ ग्रामीणों ने लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन लपटों के कारण कोई बचाव संभव नहीं हो पाया।
'Oh shit... Oh shit...' और Mayday की चुप्पी (Why No Mayday Call)
DGCA ने साफ किया है कि इस हादसे से पहले कोई Mayday Call रिकॉर्ड नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि को-पायलट सांभवी पाठक के आखिरी शब्द कॉकपिट में "Oh shit... Oh shit..." थे। सवाल यह है कि मेन पायलट सुमित कपूर ने Mayday कॉस क्यों नहीं कहा। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी संभावनाएं हैं कि लैंडिंग की पहली कोशिश फेल होने के बाद पायलटों को लगा होगा कि दूसरी बार वे सुरक्षित लैंडिंग कर लेंगे। घटनाक्रम इतना तेज था कि आपातकालीन कॉल का समय ही नहीं मिल पाया हो गया।
हालांकि पायलट सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी ठाकुर में प्लेन क्रैश से ठीक पहले क्या बातचीत हुई, इसका खुलासा 'ब्लैक बॉक्स' (Black Box) मिलने के बाद ही होगा। 'ब्लैक बॉक्स'में प्लेन का हर डेटा रिकॉर्ड रहता है। फिलहाल इस प्लेन के 'ब्लैक बॉक्स' मिलने की खबर नहीं आई है। (खबर लिखे जाने तक)
एयरपोर्ट के पास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि विमान नीचे उतरते वक्त ही अस्थिर दिख रहा था। एक व्यक्ति ने कहा कि रनवे से पहले ही लग रहा था कि कुछ गलत होने वाला है। दूसरे प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, धमाके के बाद विमान के टुकड़े उड़कर घरों तक आ गिरे।

Mayday कॉल क्या होता है (What Is Mayday Call)
Mayday कॉल विमानन की भाषा में सबसे गंभीर आपात संकेत है। यह शब्द फ्रेंच के "m'aider" से निकला है, जिसका मतलब होता है "मेरी मदद करो"। पायलट इसे तीन बार बोलते हैं-"Mayday Mayday Mayday"-ताकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल तुरंत सभी उड़ानों को रोककर उस विमान को प्राथमिकता दे सके। इसके साथ विमान की लोकेशन, समस्या और यात्रियों की संख्या बताई जाती है।
ब्लैक बॉक्स से खुलेगा राज (Black Box Investigation)
🔷 अब इस हादसे की असली कहानी ब्लैक बॉक्स बताएगा। ब्लैक बॉक्स असल में नारंगी रंग का होता है ताकि उसे आसानी से खोजा जा सके। इसमें दो अहम रिकॉर्डर होते हैं।
🔷 फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर FDR (Flight Data Recorder) विमान की स्पीड, ऊंचाई, इंजन की स्थिति और कंट्रोल मूवमेंट जैसी तकनीकी जानकारियां रिकॉर्ड करता है।
🔷कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर CVR (Cockpit Voice Recorder) पायलटों की बातचीत, रेडियो कॉल और कॉकपिट की आवाजें सुरक्षित रखता है। इन्हीं रिकॉर्ड्स से यह पता चलेगा कि आखिरी सेकंड्स में पायलटों के बीच क्या बातचीत हुई।
AAIB की जांच शुरू
हादसे के बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB ने जांच शुरू कर दी है। एक टीम बारामती में मलबे का मुआयना कर रही है, जबकि दूसरी टीम दिल्ली में ऑपरेटर कंपनी VSR वेंचर्स के दफ्तर पहुंची है। सभी शव बरामद कर लिए गए हैं, पहचान की प्रक्रिया जारी है।

कौन थीं कैप्टन शांभवी पाठक? (who was Shambhavi Pathak)
- कैप्टन शांभवी पाठक अजित पवार के दुर्घटनाग्रस्त Learjet 45 विमान में को-पायलट थीं।
- इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में वे पायलट-इन-कमांड की भूमिका में थीं और कॉकपिट की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
- शांभवी पाठक की शुरुआती पढ़ाई वायु सेना बाल भारती स्कूल, ग्वालियर से हुई थी।
- यहीं से उनके भीतर आसमान में उड़ने और पायलट बनने का सपना आकार लेने लगा।
- वर्ष 2018 में इंटरमीडिएट पूरा करने के बाद उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया।
- मुंबई विश्वविद्यालय से उन्होंने एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बीएससी की पढ़ाई की।
- पायलट बनने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शांभवी ने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में प्रवेश लिया।
- वहां उन्होंने कठोर और पेशेवर उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- 2018 से 2019 के बीच उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल किया।
- यह लाइसेंस न्यूजीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (NZ CAA) और भारत के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) दोनों के मानकों के तहत प्राप्त किया गया था।
- अपनी शैक्षणिक योग्यता को और मजबूत करते हुए उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से वैमानिकी, विमानन और अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्नातक डिग्री पूरी की।
- यह डिग्री उन्होंने वर्ष 2022 में पूरी की थी।
- शांभवी सिर्फ खुद पायलट बनने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि भविष्य के पायलट तैयार करने के लिए भी समर्पित थीं।
- उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में असिस्टेंट फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के रूप में काम किया।
- उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (ए) भी थी, जो उनकी प्रोफेशनल दक्षता को दर्शाती है।
- पारिवारिक जीवन की बात करें तो शांभवी का एक छोटा भाई है, जिसका नाम वरुण है।
- उनकी मां का नाम रोली शुक्ला पाठक है।
- शांभवी का ननिहाल उत्तर प्रदेश के कानपुर में है।
- हालांकि उनका परिवार फिलहाल दिल्ली में रह रहा था।
- कम उम्र में ही शांभवी पाठक ने शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रोफेशनल उड़ान अनुभव के दम पर भारतीय एविएशन सेक्टर में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
यह हादसा कई सवाल छोड़ गया है। क्या मौसम ही वजह था, या तकनीकी खराबी। क्या सेकंड्स की देरी ने सब कुछ बदल दिया। इन सबका जवाब अब ब्लैक बॉक्स और जांच रिपोर्ट से ही मिलेगा। फिलहाल देश उस पल को याद कर रहा है, जब 'Mayday' की जगह कॉकपिट में गूंजे-"Oh shit... Oh shit..."।
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