Ajit Pawar Jet Crash: लैंडिंग के दौरान क्या हुआ, कैसे टूटा संपर्क? उड्डयन मंत्रालय ने 10 प्वाइंट में बताया

Ajit Pawar Jet Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है। इस हादसे ने विमानों की सुरक्षा और तकनीकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हादसे के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू भी बारामती पहुंच गए हैं। उन्होंने दिवंगत एनसीपी नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह एक बहुत बड़ी क्षति है। हमने जांच के आदेश दिए हैं और पूरी डिटेल आने के बाद रिपोर्ट जारी की जाएगी।

अजित पवार के विमान हादसे के बाद कई विपक्षी दलों के नेताओं ने भी जांच की मांग की है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह हादसा बहुत संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अजित पवार जल्द बीजेपी को छोड़ने वाले थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी जांच की मांग की है।

Ajit Pawar Jet Crash

Ajit Pawar Jet Crash: 10 प्वाइंट में समझें उड्डयन मंत्रालय ने क्या बताया

नागरिक उड्डयन मंत्री रोममोहन नायडू ने बताया कि प्लेन क्रैश की डिटेल रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि अभी जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन शुरुआती इनपुट मिले हैं। पूरी रिपोर्ट आने के बाद डिटेल शेयर की जाएगी।

1. बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दो प्रयास: नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार, सुबह 8:43 बजे अजित पवार के जेट को लैंडिंग की मंजूरी मिली, एक मिनट बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अजित पवार के विमान ने बारामती हवाई अड्डे पर उतरने के लिए कुल दो प्रयास किए। दोनों प्रयासों के दौरान मौसम और विजिबिलिटी अहम चुनौती बने।

2. पहले प्रयास में कम विजिबिलिटी बनी बाधा: पहली बार लैंडिंग के दौरान पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचित किया कि रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। कम दृश्यता के कारण सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं थी।

3. ATC ने दिया 'गो-अराउंड' का निर्देश: सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ATC ने विमान को 'गो-अराउंड' करने का निर्देश दिया। लैंडिंग रद्द कर दोबारा चक्कर लगाकर उतरने की सलाह दी गई थी।

4. दूसरे प्रयास में रनवे दिखने की पुष्टि: दूसरी कोशिश के दौरान पायलट ने ATC को जानकारी दी कि रनवे अब दिखाई दे रहा है। इसके बाद लैंडिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

5. ATC से लैंडिंग की अनुमति: रनवे विजिबिलिटी की पुष्टि के बाद ATC ने विमान को लैंडिंग की औपचारिक अनुमति दे दी। यह प्रक्रिया पूरी तरह मानक प्रोटोकॉल के तहत बताई जा रही है।

6. अचानक टूटा संचार संपर्क: लैंडिंग की अनुमति के बाद ATC को पायलट की ओर से आवश्यक 'रीड-बैक' नहीं मिला। इसके तुरंत बाद विमान और ATC के बीच संचार पूरी तरह टूट गया।

7. रीड-बैक न मिलना जांच का अहम बिंदु: एविएशन नियमों के अनुसार, ATC निर्देश मिलने पर पायलट का रीड-बैक बेहद जरूरी होता है। इसका न मिलना जांच एजेंसियों के लिए एक गंभीर तकनीकी संकेत माना जा रहा है।

8. AAIB और DGCA की टीमें मौके पर: घटना की गंभीरता को देखते हुए एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और DGCA की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

9. ब्लैक बॉक्स की तलाश जारी: विमान के 'ब्लैक बॉक्स'-Cockpit Voice Recorder (CVR) और Flight Data Recorder (FDR)-को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे अंतिम पलों की तकनीकी और संवाद संबंधी जानकारी मिल सके।

10. VIP प्रोटोकॉल की भी होगी जांच: नागरिक उड्डयन मंत्रालय यह भी जांच कर रहा है कि क्या खराब मौसम के बावजूद उड़ान और लैंडिंग की अनुमति दी गई। इसकी भी जांच हो रही है कि किसी तरह के वीआईपी प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ या नहीं।

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