बांद्रा टर्मिनल भगदड़ मामले को लेकर आदित्य ठाकरे ने अश्विनी वैष्णव पर कसा तंज, कहा-'रेल नहीं रील मंत्री'
Bandra Terminal Stampede: मुंबई में बांद्रा टर्मिनल पर हुई दुखद भगदड़ ने रेलवे सुरक्षा और प्रबंधन की खामियों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। इस घटना में कम से कम नौ लोग घायल हो गए। जिनमें से दो की हालत गंभीर है। शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे ने इस घटना के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की कड़ी आलोचना करते हुए रेलवे सुरक्षा और कुशल संचालन सुनिश्चित करने में उनकी क्षमता पर सवाल उठाए हैं। यह घटना देश की रेलवे प्रणाली के प्रबंधन में सुधार और प्रभावी नेतृत्व की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है।
ठाकरे ने रेल मंत्री को रील मंत्री कहकर तंज कसा। यह आरोप लगाते हुए कि मंत्री रेलवे सुरक्षा पर ठोस कदम उठाने के बजाय दिखावे पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा एनसीपी-एससीपी के नेता क्लाइड क्रैस्टो ने त्योहारी सीजन के दौरान रेलवे सेवा की कमी को इस भगदड़ का मुख्य कारण बताया और इसे रेल मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन की बड़ी विफलता करार दिया।

त्योहारी भीड़ बनी भगदड़ का कारण
घटना के कारणों की जांच के बीच बृहन्मुंबई नगर निगम ने बताया कि भगदड़ दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ी भीड़ का परिणाम थी। जब यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होता है। पश्चिमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 2:30 बजे उस समय हुई जब दो यात्री प्लेटफॉर्म पर आ रही बांद्रा-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान वे घायल हो गए।
रेल मंत्री वैष्णव का पलटवार
राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि हम सिर्फ रील बनाने वाले लोग नहीं हैं। हम कड़ी मेहनत करने वाले लोग हैं। यह बयान आदित्य ठाकरे और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा उनकी आलोचना में इस्तेमाल किए गए रील मंत्री के अपमानजनक शब्द का सीधा जवाब था। मंत्री ने अपने मंत्रालय के प्रयासों का बचाव करते हुए लोकसभा में कहा कि उनकी प्राथमिकता रेलवे सुरक्षा और सेवाओं में सुधार करना है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने वैष्णव को पार्टी के अभियान का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जो उनके नेतृत्व में पार्टी के विश्वास को दर्शाता है। भले ही वे आलोचनाओं का सामना कर रहे हो।
रेलवे सुरक्षा में सुधार की मांग
बांद्रा भगदड़ की घटना ने भारत की रेलवे सुरक्षा और प्रबंधन पर तीखी बहस छेड़ दी है। राजनीतिक नेताओं और जनता की ओर से जवाबदेही और सुधार की मांग की जा रही है। जैसे-जैसे देश त्योहारी सीजन और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के करीब आ रहा है। रेलवे सुरक्षा और दक्षता को लेकर चर्चा और भी ज्यादा तीव्र हो रही है। इस घटना ने भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए प्रभावी नेतृत्व और परिचालन सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।












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