महराजगंज : ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों के पर्यटन विकास को मिलेगा बढ़ावा,डीएम ने दिया यह निर्देश
महराजगंज में ऐतिहासिक,सांस्कृतिक व पौराणिक स्थलों के विकास एंव पर्यटन को बढ़ावा देने लिए जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने पर्यटन विभाग को खास निर्देश दिए हैं।शुक्रवार को जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एंव संवर्ध
महराजगंज,16 सितंबर: महराजगंज में ऐतिहासिक,सांस्कृतिक व पौराणिक स्थलों के विकास एंव पर्यटन को बढ़ावा देने लिए जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने पर्यटन विभाग को खास निर्देश दिए हैं।शुक्रवार को जिलाधिकारी ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एंव संवर्धन के लिए बैठक की। जिसमें क्षेत्रीय पयर्टन अधिकारी को जनपद के ऐतिहसिक स्थलो को सूचीबद्ध कर सुन्दरीकरण कार्य कर पर्यटको हेतु आकषर्ण का केन्द्र बनाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि महराजगंज जिले में जो भी ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा।तत्पश्चात इन स्थलों का सुंदरीकरण कर पयर्टन स्थल के रुप में विकसित किया जाएगा।महराजगंज में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं जिनके लिए सतत प्रयास किया जा रहा है।
महराजगंज के पौराणिक स्थल
रामग्राम,अदरौना (लेहड़ा) देवी का मंदिर,कटहरा के उभय शिवलिंग,बनर सिहागढ़ (वनरसिया कला),इटहियां का शिव मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण स्थान हैं।अदरौना (लेहड़ा) देवी का मंदिर जनपद का महवपूर्ण तीर्थ स्थल है इस स्थल पर फरेंदा तहसील मुख्यालय से ब़जमनगंज मार्ग पर पॉंच कि0मी0 चलकर सड्क से 02 कि0मी0 पश्चिम जाकर पहुचा जा सकता है | प्राचीनकाल में यह स्थल आद्रवन नामक घने जंगल से आचादित था । यहाँ पवह नामक प्राचीन नदी के तट पर मां बनदेवी दुर्गा का पवित्र मन्दिर अवस्थित है। रामग्राम महराजगंज में स्थित महत्वपूर्ण पौराणिक स्थल है।महाभारत काल के बाद इस पूरे क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। कई छोटे गणतांत्रिक राज्य कोसल राज्य के अधीन आ गए, जहां कपिलवस्तु के कोलिकों के राज्य और रामग्राम के कोलगियों का राज्य भी वर्तमान महाराजगंज जिले की सीमाओं में विस्तृत था। कोलियों ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के ऊपर रामग्राम में एक स्तूप बनाया था। , जिसका फाह्यान और हंसांग ने अपने विवरण में उल्लेख किया है। नय्यविवली-सूत्र पुस्तक से ज्ञात होता है कि जब कौशल नरेश अजातशत्रु ने वैशाली के लच्छिवियों पर आक्रमण किया था, उस समय लिचिचि गणप्रकाश साथक ने अजातशत्रु से लड़ने के लिए अठारह गणराज्यों का आह्वान किया था। यह संघ कोल्या गणराज्य में भी शामिल था।इसी क्रम में कई अन्य स्थल यहां मौजूद हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉक्टर पंकज कुमार वर्मा, सीएमओ डॉक्टर नीना वर्मा,मुख्य कोषाधिकारी शालीग्राम, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविन्द्र कुमार, उद्योग उपायुक्त,बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।












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