MP: नर्मदा नदी पर बन रहा सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर प्लांट, क्या रहेगी खास बात, जानिए
मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित ओंकारेश्वर में प्रदेश सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला देश के सबसे बड़े तैरते सोलर पावर निर्माण प्लांट में गुरुवार को पहुंचे। एमपी के ओंकारेश्वर में यह तैरता सोलर पार्क ओंकारेश्वर बांध पर बनाया जा रहा है।
भारत का सबसे बड़ा और दुनिया के सबसे बड़े 600 मेगावाट के तैरते सोलर पावर पार्क में से एक, 90 मेगावाट क्षमता वाला पहला तैरता सोलर प्लांट शुरू हो गया है।

देश के तैरते सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण करते हुए मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि पीएम मोदी का ग्रीन एनर्जी को लेकर जो "विजन" है। उसी के तहत इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में बनाया जा रहा है, पहले चरण में 278 मेगावाट और दूसरे चरण में बाकी क्षमता वाला प्लांट लगाया जा रहा है।
मंत्री शुक्ला ने बताया कि, पहले चरण में 278 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट बनाए जा रहे हैं, जिसमें से 88 मेगावाट क्षमता का प्लांट एनएचडीसी, 100 मेगावाट क्षमता का प्लांट एएमपी एनर्जी और 90 मेगावाट क्षमता का प्लांट एसजेवीएन द्वारा विकसित किया जा रहा है।
सोलर एनर्जी के क्षेत्र में बड़ा कदम
मध्यप्रदेश में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए लगातार अलग-अलग तरह के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। वहीं इन प्रयासों में ओमकारेश्वर स्थित नर्मदा नदी पर स्थापित होने वाला दुनिया का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर पावर प्लांट शामिल है, जहां इस सोलर पावर प्लांट के तैयार हो जाने से बिजली संबंधित कई तरह की समस्याओं का निराकरण होगा। वहीं इस सोलर प्लांट के बन जाने के बाद मध्यप्रदेश में खंडवा एकमात्र ऐसा जिला होगा, जहां फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित होगा।
कुलमिलाकर, देखा जाए तो मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित ओंकारेश्वर में प्रदेश सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला देश के सबसे बड़े तैरते सोलर पावर निर्माण प्लांट में गुरुवार को पहुंचे। एमपी के ओंकारेश्वर में यह तैरता सोलर पार्क ओंकारेश्वर बांध पर बनाया जा रहा है।
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