MP Weather News: भोपाल-इंदौर समेत एमपी के कई जिलों में बारिश, कोहरा; जानिए कब से पड़ेगी कड़ाके की ठंड
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और कोहरे का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार रात को भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। साथ ही रतलाम, मंदसौर, बैतूल और आलीराजपुर में ओले भी गिरे। शनिवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना हुआ है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ घंटों में मौसम में और बदलाव की संभावना जताई है। कटनी, पचमढ़ी, हरदा, सागर, खजुराहो, पन्ना, जबलपुर में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ओले गिरने और 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तरी बैतूल में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

किसानों की चिंता बढ़ी
भोपाल और रायसेन के आसपास के क्षेत्रों में किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि लगातार हो रही बारिश के कारण उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। रायसेन जिले के भीमबेटका में किसानों को रातभर तिरपाल पकड़कर ट्रॉली में बैठकर अपनी धान की फसल बचाने की जद्दोजहद करते देखा गया। भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना से फसल नुकसान की आशंका और भी गहरी हो गई है।
मौसम की भविष्यवाणी: अगले 3 दिन
28 दिसंबर: उमरिया, डिंडौरी, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में ओले और बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। वहीं, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, दतिया, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में हल्की बारिश, बादल और तेज हवा का अलर्ट है।

29 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा।
30 दिसंबर: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कोहरा छाया रहेगा।
31 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड
प्रदेश में 31 दिसंबर से ठंड में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही यह मौसम सिस्टम प्रदेश से गुजर जाएगा, ठंड और कोहरे का असर बढ़ जाएगा। नए साल के शुरुआती दिनों में कड़ाके की ठंड की संभावना जताई गई है। इसका मतलब है कि प्रदेशवासियों को जनवरी के पहले सप्ताह में सर्दी का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से मध्य और उत्तरी प्रदेश में ठंड का असर अधिक रहेगा, जिससे लोग शीतलहर की चपेट में आ सकते हैं।
मौसम के इस बदलाव से न केवल किसानों की चिंता बढ़ी है, बल्कि सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ने की संभावना है। ठंड और बारिश के कारण सड़कें भी गीली हो सकती हैं, जिससे यात्रा में मुश्किलें आ सकती हैं।












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