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गोवा में विला बुक करने से पहले ये खबर जरूर पढ़े: ग्वालियर के युवक ने देशभर के 500 पर्यटकों को कैसे ठगा, जानिए

Villa booking in Goa: गोवा में विला बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा कर देशभर के करीब 500 पर्यटकों से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस अपराध के मास्टरमाइंड में से एक आरोपी ग्वालियर का रहने वाला है, जिसे गोवा और ग्वालियर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को ग्वालियर के डीडी नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

आरोपियों ने बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे Booking.com पर अलग-अलग विला के फर्जी फोटो पोस्ट किए थे। इसके बाद इन फोटो के आधार पर पर्यटकों को आकर्षित किया और उनसे एडवांस राशि की मांग की। पर्यटकों से पैसे वसूलने के बाद, जब वे विला की बुकिंग के स्थान पर पहुंचे, तो वहां कुछ भी नहीं था। इस तरीके से उन्होंने करीब 500 पर्यटकों को ठगा और लाखों रुपये की धोखाधड़ी की।

Villa booking in Goa Gwalior youth cheated 500 tourists from across the india

फर्जीवाड़े का खुलासा

इस फर्जीवाड़े का खुलासा चंडीगढ़ के एक पर्यटक पंकज धीमान की शिकायत पर हुआ। पंकज ने गोवा में विला की बुकिंग की थी और इसके एवज में 20 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किए थे। जब पंकज और उनका परिवार उस पते पर पहुंचे, तो वहां कुछ नहीं मिला। इसके बाद पंकज ने अंजुना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई, और फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी की पहचान देवेश परिहार (30) के रूप में की, जो ग्वालियर के टीकाराम चक्की के पास निम्बाजी की खोह का निवासी है। इसके बाद गोवा पुलिस की टीम ने ग्वालियर पुलिस के सहयोग से डीडी नगर इलाके में देवेश परिहार को गिरफ्तार किया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, इस मामले में तीन अन्य आरोपी शामिल हैं, जो हैदराबाद और जयपुर के निवासी हैं। पुलिस ने इन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने की उम्मीद है।

पुलिस कार्रवाई और वसूली

ग्वालियर पुलिस और गोवा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। गिरफ्तार आरोपी देवेश परिहार को गोवा पुलिस अपने साथ ले गई है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और ठगी गई राशि की वसूली के लिए भी कदम उठा रही है।

कैसे हुआ ठगी का खेल?

सिटी सेंटर इलाके में रहने वाले आशीष कुमार नामक युवक ने इस मामले में साइबर क्राइम विंग में शिकायत दर्ज करवाई है। आशीष ने बताया कि कुछ समय पहले उसकी नजर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर पड़ी थी, जिसमें उसे पार्ट टाइम नौकरी के जरिए मोटी कमाई का लालच दिया गया। इस लालच में आकर उसने संपर्क किया और कुछ पैसे निवेश किए।

शुरुआत में कुछ पैसा उसके खाते में भेजा गया, ताकि वह विश्वास कर सके। फिर उसे पोस्ट को लाइक, कमेंट और रेटिंग देने का काम दिया गया। इस प्रक्रिया से आशीष का विश्वास और मजबूत हुआ। इसके बाद उसे अलग-अलग स्कीमों में निवेश का लालच दिया गया और कुछ ही समय में वह करीब 21 लाख रुपये निवेश कर चुका था।

डमी पे-वॉलेट और टैक्स का झांसा

आशीष कुमार ने आरोप लगाया कि ठगों ने एक डमी पे-वॉलेट तैयार किया था, जिसमें उसकी जमा की गई राशि लगभग दोगुनी दिखाई जा रही थी। जब आशीष ने अपनी राशि ट्रांसफर करने का प्रयास किया, तो उसे बताया गया कि आधी राशि टैक्स के रूप में जमा करनी होगी, तब पूरी राशि रिलीज की जाएगी। इस झांसे में आकर आशीष ने और पैसे जमा किए, लेकिन फिर उसे ठगी का एहसास हुआ।

साइबर क्राइम विंग में शिकायत दर्ज

आशीष ने अब साइबर क्राइम विंग में शिकायत दर्ज करवाई है और ठगी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच में यह पाया गया है कि युवक को ठगी के जाल में फंसाया गया था और उसे लगातार मुनाफे का लालच दिया गया।

सोशल मीडिया पर सतर्कता की जरूरत

यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर फर्जी और धोखाधड़ी से भरे विज्ञापनों से सतर्क रहना कितना जरूरी है। ठग अक्सर लोगों को लालच देकर उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं और फिर पूरी राशि हड़प लेते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी निवेश के ऑफर को सख्ती से नजरअंदाज करना चाहिए और पहले उसकी पूरी जांच करनी चाहिए।

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