असली और नकली मसाले के खेल को समझें और बचिए कैंसर जैसी भयानक बीमारियों से, पढ़िए खास रिपोर्ट
MP News: मसाले भारतीय भोजन का अहम हिस्सा होते हैं और इनका उपयोग सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत को लाभ पहुंचाने के लिए भी किया जाता है। हालांकि, बढ़ते नकली मसाले के कारोबार ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य के लिहाज से कई खतरों को जन्म दिया है।
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नकली मसाले में मिलाए गए हानिकारक रसायन और रंग न केवल खाने का स्वाद बिगाड़ते हैं, बल्कि यह कैंसर जैसी भयानक बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर भोपाल कलेक्टर कार्यालय में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें उपभोक्ताओं को असली और नकली मसालों के फर्क के बारे में जागरूक किया गया।

असली और नकली मसाले
खाद्य अधिकारी अभिषेक तिवारी ने वन इंडिया हिंदी के एलएन मालवीय को जानकारी देते हुए बताया कि नकली मसालों के खतरों से बचा जा सकता है। उन्होंने बतया कि नकली मसालों में कई बार सिंथेटिक रंग, रसायन और अन्य हानिकारक तत्व मिलाए जाते हैं। इन मसालों को पहचानना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि वे असली मसालों के जैसे ही दिखते हैं। लेकिन इनका उपयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, हल्दी में मिलाए गए कृत्रिम रंगों से त्वचा और पाचन प्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है, जो समय के साथ कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा
असली मसाले शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन नकली मसालों में मिलाए गए रसायन लंबे समय तक सेवन करने से गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर का कारण बन सकते हैं। नकली हल्दी, मिर्च और अन्य मसालों में मिलाए गए रसायन शरीर में जमा होकर टॉक्सिक प्रभाव डाल सकते हैं।
रंग और गंध पर ध्यान दें: असली मसाले अपनी प्राकृतिक गंध और रंग में होते हैं। यदि मसाले का रंग बहुत चमकदार या कृत्रिम लगता है, तो यह नकली हो सकता है। इसके अलावा, असली मसालों में गंध ताजगी और तीव्रता के साथ होती है, जबकि नकली मसाले सुगंधहीन होते हैं या उनमें कृत्रिम गंध मिलाई जाती है।

पनीर के नकली होने की पहचान
पनीर भारतीय भोजन में एक अहम स्थान रखता है, लेकिन अब नकली पनीर का कारोबार भी बढ़ रहा है। नकली पनीर में अव्यक्त रसायन और मिलावटी तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरे का कारण बन सकते हैं।
नकली पनीर की पहचान
नकली पनीर आमतौर पर असली पनीर से सख्त और रबर जैसा होता है। इसका स्वाद भी असली पनीर से अलग होता है। इसके अलावा, नकली पनीर का रंग अक्सर सफेद या अधिक चमकदार होता है, जबकि असली पनीर का रंग थोड़ा हल्का और माइल्ड होता है।
स्वाद और गंध की जांच
असली पनीर का स्वाद मुलायम और ताजगी से भरा होता है, जबकि नकली पनीर में किसी प्रकार का कृत्रिम स्वाद या गंध महसूस हो सकती है। नकली पनीर का स्वाद कभी भी ताजगी से भरपूर नहीं होता है।
जल में डालकर जांचें
असली पनीर पानी में डालने पर डूबता है, जबकि नकली पनीर पानी में तैर सकता है क्योंकि इसमें रसायन होते हैं, जो पानी में घुलकर पनीर को हल्का बना सकते हैं।
भोपाल कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शनी
भोपाल कलेक्टर कार्यालय में आयोजित प्रदर्शनी में उपभोक्ताओं को नकली और असली मसालों तथा पनीर की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में दिखाए गए असली और नकली मसालों की तुलना करने से लोग जागरूक हुए और यह सीखा कि किस तरह से वे अपने भोजन को सुरक्षित रख सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना था, ताकि लोग बाजार में उपलब्ध हानिकारक और मिलावटी उत्पादों से बच सकें।
इस प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के मसाले, पनीर, दूध, और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया और उन्हें पहचानने के तरीके बताए गए। उपभोक्ताओं को यह भी बताया गया कि नकली उत्पादों से कैसे बचा जाए और इन्हें पहचानने के लिए किन तरीकों का उपयोग किया जा सकता है।
यहां कुछ तरीकों का उल्लेख किया गया है, जिनकी मदद से आप असली और नकली मसाले पहचान सकते हैं:
1. गंध और रंग पर ध्यान दें
- असली मसाले: असली मसाले ताजे और खुशबूदार होते हैं। इनकी गंध प्राकृतिक और मजबूत होती है, जो स्वाद में भी महसूस होती है। उदाहरण के लिए, असली इलायची या लौंग की गंध बहुत तीव्र और ताजगी से भरी होती है।
- नकली मसाले: नकली मसालों का रंग आमतौर पर अधिक चमकदार और जीवंत होता है, लेकिन इनमें गंध की कमी होती है। नकली मसाले जल्दी फीके पड़ सकते हैं या उनमें कोई कृत्रिम गंध हो सकती है।
2. पानी में घोलकर जांचें
- असली मसाले: असली मसाले पानी में घुलते समय अपनी प्राकृतिक विशेषताएँ दिखाते हैं। जैसे, हल्दी का पाउडर पानी में डालने पर उसका रंग हल्का पीला हो जाता है और वह आसानी से घुल जाता है।
- नकली मसाले: नकली हल्दी में सिंथेटिक रंग हो सकते हैं, जो पानी में डालने पर भी नहीं घुलते हैं। इसे परीक्षण करने के लिए एक चम्मच हल्दी को पानी में डालकर देखें, असली हल्दी में रंग घुल जाएगा, जबकि नकली हल्दी में रंग बाहर रह सकता है या फिर वह केवल पानी को रंगीन कर देगा।
3. स्वाद की जांच करें:
- असली मसाले: असली मसालों का स्वाद तेज और स्वाभाविक होता है। जैसे, दारचीनी का स्वाद मीठा और तीव्र होता है, जबकि असली जीरा स्वाद में निखार डालता है।
- नकली मसाले: नकली मसाले स्वाद में फीके होते हैं और उनमें कुछ विशेष स्वाद का अभाव होता है। साथ ही, कभी-कभी ये मसाले चिपचिपे या नकली स्वाद के होते हैं।
4. लवण की जांच (Salt Test)
- असली नमक: असली मसाले में अगर आप नमक मिला कर देखें तो वह सामान्य तौर पर घुल जाएगा।
- नकली मसाले: नकली मसाले में नमक मिलाने पर उसमें कुछ कण दिखाई दे सकते हैं या वह पूरी तरह से घुल न पाए।
5. बड़ी मात्रा में खरीदने से बचें
- जब आप मसाले खरीदने जाएं, तो ज्यादा मात्रा में मसाले न खरीदें, खासकर उन मसालों के लिए जिनकी गुणवत्ता का आपको संदेह हो। मसाले ताजे होने चाहिए, और उनकी पैकेजिंग अच्छी होनी चाहिए।
6. पैकिंग पर ध्यान दें
- असली मसाले: असली मसाले हमेशा उचित पैकिंग में आते हैं, जो सुरक्षित और एयरटाइट होती है, ताकि मसाले ताजे बने रहें। पैकिंग पर उत्पादन और समाप्ति तिथि का उल्लेख होता है।
- नकली मसाले: नकली मसालों की पैकिंग खराब होती है और यह मैन्युफैक्चरिंग और समाप्ति तिथि को स्पष्ट रूप से नहीं दिखाती। कभी-कभी नकली मसालों में अधिक रंग, रसायन और अनावश्यक तत्व होते हैं।
7. कृत्रिम रसायनों का पता लगाने के लिए जांचें:
- असली मसाले: असली मसालों में किसी प्रकार के कृत्रिम रसायन नहीं होते हैं, हालांकि, कुछ मसाले जैसे हल्दी में हल्का रसायन हो सकता है, लेकिन यह नुकसानदायक नहीं होता।
- नकली मसाले: नकली मसालों में अक्सर रसायन, रंग, या सिंथेटिक सामग्री मिलाई जाती है। इन रसायनों से मुंह में खुजली, जलन या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
8. ऑनलाइन या विश्वसनीय स्रोत से खरीदें:
- असली मसाले हमेशा विश्वसनीय दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदें। कम कीमत या अत्यधिक छूट की लालच में आकर नकली मसाले न खरीदें, क्योंकि इससे न केवल आपका स्वाद बिगड़ सकता है, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
9. पेशेवर प्रयोगशाला परीक्षण (Lab Test):
- यदि आपको मसाले की असली पहचान को लेकर शक हो, तो आप किसी प्रमाणित प्रयोगशाला में उनका परीक्षण भी करवा सकते हैं। ऐसे परीक्षणों में मसालों में मिलाए गए रसायनों, रंग और अन्य अवयवों की पहचान की जाती है।
- इन तरीकों का पालन करके आप असली और नकली मसालों के बीच फर्क कर सकते हैं और अपने घर के भोजन को सुरक्षित एवं स्वादिष्ट बना सकते हैं।
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