Leopard Rescue : सुअर के फंदे में फंसा तेंदुआ बेहोश ही नहीं हो रहा था, चार इंजेक्शन लगाने पड़े
सागर जिले के बंडा में तेंदुए का रेस्क्यू करने पहुंची पन्ना की टीम को काफी मशक्कत करना पड़ी। फंदे में उलझे तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन देने के बावजूद वह बेहोश नहीं हो रहा था। उसे चार डॉट देने पड़े तब-कहीं वह बेहोश हुआ।


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शिकारी के फंदे में 14 घंटे तड़पता रहा तेंदुआ,पन्ना से बुलाई थी रेस्क्यू टीम
वन विभाग बंडा परिक्षेत्र सागर के रेंजर आरके दुबे ने बताया कि भरतपुर बीट के पास स्थित विजय लोधी के खेत में तार की फेंसिंग लगी हुई है। सुबह उसने वन विभाग को सूचना दी थी कि फेंसिंग के कंटीले तारों में एक तेंदुआ फंसा हुआ है। तेंदुआ युवा है और आसपास इंसानों के दिखने के कारण काफी गुस्से में गुर्रा रहा था। आरके दुबे व थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को अलग किया और तेंदुए की सुरक्षा के लिए इलाके को खाली कराया था। इधर वन विभाग ने पन्ना टाइगर रिजर्व और नौरादेही अभयारण्य की टीमों को तेंदुए का रेस्क्यू करने के लिए बुलाया था। पन्ना और सागर नौरादेही की रेस्क्यू टीम ने उसका शाम को बेहोश का रेस्क्यू किया। उसे बेहोश करने के लिए एक के बाद एक 4 इंजेक्शन डॉट के माध्यम से देने पड़े थे। तार की फेंसिंग और फंदे में फंसे होने से उसके शरीर पर घाव भी बन गए थे।
नर तेंदुआ था, जो फंदे में फंसा था
भरतपुर में विजय सिंह के खेत से रेस्क्यु किया गया नर तेंदुआ है। उसे टीम ने फंदे से निकालकर उसका इलाज किया और उसे पिंजरे में डालकर बड़े वाहन में पिंजरा सहित रखा था। इस तेंदुए को नौरादेही की टीम को सौंपा गया है, जिसे बाद में नौरादेही अभयारण्य के घने जंगल में छोड़ा गया है।
बांदरी इलाके में भी तेंदुए के शिकार का प्रयास किया गया था
बता दें कि करीब 15 दिन पहले सागर जिले के बांदरी इलाके के एक गांव में भी फंदा लगाकर तेंदुए का शिकार किया गया था। ग्रामीणों ने उसे देखा तो वन विभाग को सूचना दी थी। इस तेंदुए का भी रेस्क्यु कर नौरादेही के जंगल में छोड़ा गया था।












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