MP News: कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की बड़ी मुश्किलें, 13 अखाड़ों के संतों ने खोला मोर्चा, कहा- माफी मांगे
MP News: बुधवार को उज्जैन में षट्दर्शन संत समाज और तीर्थ पुरोहितों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ सामूहिक प्रतिवाद प्रदर्शन किया। 13 अखाड़ों के संत, महंत, और मंदिरों के पुजारी उज्जैन के खाकचौक स्थित वैदेही गार्डन में एकजुट हो गए।
इस प्रदर्शन में महंत रामेश्वर दास महाराज, महंत राघवेंद्र दासजी, महंत दिग्विजय दासजी, महंत भगवान दासजी, महंत मुनि शरण महाराज, महंत सेवागिरी महाराज, महंत ज्ञानदास दास महाराज, सांदीपनि आश्रम के रूपम व्यास, पंडित राहुल व्यास, पंडित मनीष उपाध्याय, अंगारेश्वर मंदिर सहित धर्म सभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, अखिल भारतीय पुरोहित महासभा, और धर्म यात्रा संघ के करीब 100 लोग शामिल थे।

इन संतों का कहना है कि पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा रानी और संत तुलसीदास जी को लेकर कथा के दौरान की गई बातों के प्रसार के माध्यम से वे नाराज हैं और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
महंत भगवान दास ने बताया कि आज कल एक साइकिल सवार कथावाचक बड़ा हो गया है, जो सनातन धर्म के खिलाफ बयान दे रहा है। सभी संतों ने राधा रानी और संत तुलसीदास जी पर प्रदीप मिश्रा द्वारा दिए गए बयानों की निंदा की है और उनसे यह वादा किया है कि जब तक उन्होंने माफी नहीं मांगीं, उज्जैन में उनका स्वागत नहीं किया जाएगा।
उन्होंने इसके साथ ही कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा के पास अरबों की संपत्ति कहां से आई, इस पर भी जांच होनी चाहिए। संतों ने एडीएम अनुकूल जैन को पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ एक ज्ञापन दिया है, जिसमें उन्होंने उनके द्वारा कथा के दौरान अर्नगल टिप्पणियों के खिलाफ विरोध जाहिर किया है। उन्होंने धर्म सभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, अखिल भारतीय पुरोहित महासभा और धर्म यात्रा संघ के समर्थन में भी अपील की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ये अपमानकारी टिप्पणियाँ उज्जैन षट्दर्शन संत समाज और तीर्थ पुरोहितों ने गंभीरता से ली हैं, और इस प्रकार की प्रवृत्तियों के खिलाफ विधि अनुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को सांदीपनि आश्रम के पुजारी और सांदीपनि जी की 202 पीढ़ी के सदस्य रूपम व्यास ने पंडित प्रदीप मिश्रा के राधा रानी के बयान से नाराज होकर कहा था कि प्रेमानंद जी और संतों के पास जाकर पंडित मिश्रा से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बताया कि शिव पुराण के नाम पर कई प्रकार के टोन टोटके किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि विद्वत परिषद् से बात करके वे कोर्ट भी जा सकते हैं।












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