बेशर्म अस्पताल! एंबुलेंस पर एक घंटे पड़ा रहा मरीज, वार्ड तक पहुंचाने नहीं आया कोई कर्मचारी, मौत
सागर, 11 जुलाई। मप्र के सागर में जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। यहां मरीजों का इलाज तो ठीक उन्हें एंबुलेंस से उतारने तक को स्टाफ तैयार नहीं है। बीते रोज पांच एंबुलेंस में मरीज अस्पताल के मुख्यद्वार पर एक घंटे इंतजार करते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं उतारा। मरीज तो ठीक एक एंबुलेंस में एक्सीडेंट केस में तो इलाज के इंतजार में घायल की मौत हो गई, उसे भी उतारने कोई तैयार नहीं हुआ। बाद में जब हो-हल्ला मचा तो खुद सीएमएचओ को मौके पर जाकर मोर्चा संभालना पडा।

सागर जिले की सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम ऐसा है कि यहां आने वाले मरीजों को कोई देखने वाला तक नहीं है बीती शाम जिला अस्पताल में एंबुलेंस की लंबी कतारें लगी थीं। मरीजों को लेकर आई एंबुलेंस में बैठे मरीज और मृतक को कोई उतारने वाला तक नहीं था करीब एक से डेढ़ घंटे तक जिला अस्पताल के बाहर ही खड़ी इन एंबुलेंस में मरीज इलाज के लिए इंतजार करते रहे। कैजुअल्टी में ड्यूटी कर रहीं डॉक्टर अंजली यादव ने अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस में बैठे मरीजों को देखना तक मुनासिब नहीं समझा। इतना ही नहीं यहां आपात चिकित्सा इकाई के बाहर भी मरीजों कतार लगी थी, वे भी घंटो यहां इलाज के लिए इंतजार कर रहे थे।

मीडिया के हस्तक्षेप के बाद सीएमएचओ पहुंचे
अस्पताल के बाहर जब छह-सात एंबुलेंस की कतार अस्पताल के मुख्यगेट पर लग गई तो मीडिया तक मामला पहुंचा। मौके पर जब मीडियाकर्मी जुटे और सीएमएचओ को जानकारी दी तो वे चंद मिनटों में अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्होंने स्ट्रेचर से लेकर तमाम व्यवस्थाएं कराईं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की तरफ से सिविल सर्जन या आरएमओ अस्पताल नहीं पहुंचे थे।
दोषियों पर कार्रवाई करेंगे
मुझे जैसे ही इस मामले की जानकारी लगी, मैं तत्काल जिला अस्पताल पहुंच गया था। यहां मरीजों को एंबुलेंस से ओपीडी में पहुंचा, कैजुअल्टी में आवश्यक इलाज के बाद वार्ड में भर्ती कराया गया है। मरीजों का स्वास्थ्य बेहतर है। मरीजों को न देखने के मामले में जांच करा रहे हैं, जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. डीके गोस्वामी, सीएमएचओ, सागर












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