संत देव प्रभाकर शास्त्री हुए पंचतत्व में विलीन, अंतिम संस्कार के दौरान नहीं दिखी सोशल डिस्टेंसिंग
कटनी। संत देव प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी की राज्यकीय सम्मान के साथ कटनी में अतिंम संस्कार किया गया। इस दौरान कलेक्टर शशि भूषण सिंह और पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने राज्य शासन की ओर से पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बता दें कि अंतिम यात्रा में लोगों ने शारीरिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का बिल्कुल पालन नहीं किया। जबकि इसमें भाजपा विधायक संजय पाठक, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव भी मौजूद थे। हालांकि जिला प्रशासन ने कहा कि किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।
Recommended Video

संत पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दाजी की अंतिम यात्रा उनके दद्दा धाम के निज निवास से निकाली गई थी। इसमे सैकड़ों की तादाद में उनके शिष्य शामिल हुए। इनमें राज नेता समेत अभिनेता भी मौजूद थे। उनके बड़े बेटे अनिल शास्त्री ने दद्दाजी को मुखाग्नि दी। दद्दा के शिष्यों ने उन्हें भावुक होकर अंतिम विवाई दी। बता दें कि दद्दा जी पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। शनिवार को बीजेपी विधायक संजय पाठक और आशुतोष राणा उन्हें अपने साथ दिल्ली से कटनी ले गए थे। 82 साल के दद्दाजी किडनी और लीवर की बीमारी से पीड़ित थे।
शिष्यों का तांता
पंडित देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी के निधन की जानकारी जैसे ही दद्दा के भक्तों को लगी तभी से आसपास और दूर-दूर से लोग यहां पहुंचने शुरू हो गए थे। लॉकडाउन के कारण घर से निकलने की मनाही है। सोशल डिस्टेंस और मुंह पर मास्क पहनना ज़रूरी है। लेकिन यहां दद्दा धाम में लोगों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। दद्दा के पार्थिक शरीर को उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
गार्ड ऑफ ऑनर
बीजेपी नेता संजय पाठक और अभिनेता आशुतोष राणा और राजपाल यादव ने दद्दा की अर्थी को कंधा दिया। इनके साथ नेता अजय विश्नोई, अर्चना चिटनीस, लखन घनघोरिया, अंचल भी मौजूद थ। इस दौरान दद्दा जी को राज्यकीय सम्मान के साथ विदा किया गया। अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद उनके बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी।
कौन थे दद्दाजी
पंडित देव प्रभाकर शास्त्री जिन्हें लोग प्यार से दद्दा कहते थे। इनका जन्म कटनी के बहोरीबंद इलाके के कूड़ा ग्राम में 19 सितंबर 1937 को हुआ था। दद्दा के सानिध्य में 132 शिवलिंग पार्थिव यज्ञ कराए गए। इसमें 200 करोड़ से अधिक पार्थिक शिवलिंग बनाए गए। भारत के कोने कोने में दद्दाजी ने यज्ञ करवाए थे। उनके भक्त दुनिया भर में हैं। इनमें बड़ी तादाद नेताओं और वीवीआईपीज की थी।












Click it and Unblock the Notifications