MP News: राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुख्यात लुटेरे कौशल गुर्जर का शॉर्ट एनकाउंटर, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
MP News: मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बड़े लूट कांडों में शामिल कुख्यात बदमाश कौशल गुर्जर का ग्वालियर में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। ग्वालियर क्राइम ब्रांच और तीन थानों की पुलिस ने कैंसर पहाड़ी क्षेत्र में 7 जुलाई 2025 की सुबह 4 बजे इस मुठभेड़ को अंजाम दिया।
इस दौरान कौशल गुर्जर घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी जयेंद्र गुर्जर भी घायल हुआ। कौशल गुर्जर पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था।

एनकाउंटर का पूरा घटनाक्रम जानिए
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) ग्वालियर, कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि कुछ समय पहले पिछोर थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना में कौशल गुर्जर की संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कौशल गुर्जर फूलबाग क्षेत्र के एक अस्पताल में मौजूद है। इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और विश्वविद्यालय, बहोड़ापुर, और मुरार थानों की संयुक्त टीम ने कैंसर पहाड़ी क्षेत्र में घेराबंदी की।
- 7 जुलाई 2025, सुबह 4 बजे: पुलिस ने कौशल गुर्जर को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान कौशल ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
- जवाबी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच की टीम ने भी फायरिंग की, जिसमें कौशल गुर्जर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया।
- पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
- मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के सिपाही जयेंद्र गुर्जर को भी गोली लगी, और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- कौशल का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।
कौशल गुर्जर कुख्यात अपराधी का आपराधिक इतिहास, जानिए
कौशल गुर्जर मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बड़े लूट कांडों में शामिल रहा है। वह कौशल गैंग का सक्रिय सदस्य है और अजमेर (राजस्थान) और उज्जैन (मध्य प्रदेश) में हुई लूट की बड़ी वारदातों में उसका नाम सामने आया है। कुछ प्रमुख आपराधिक मामले:
- पिछोर (मध्य प्रदेश): हाल ही में हुई लूट की घटना में उसकी संलिप्तता पाई गई।
- अजमेर और उज्जैन: बड़े पैमाने पर लूट की वारदातें, जिनमें लाखों रुपये के आभूषण और नकदी लूटी गई।
- अन्य अपराध: मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ लूट, डकैती, और हथियारों से संबंधित कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, कौशल गुर्जर एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। उस पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था, और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
- पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। एएसपी (क्राइम) आयुष गुप्ता के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना की तस्दीक कर त्वरित कार्रवाई की।
- बरामद सामग्री: मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कौशल गुर्जर के पास से एक अवैध पिस्तौल, कुछ जिंदा कारतूस, और लूट से संबंधित कुछ सामान बरामद किया।
- फरार साथी की तलाश: पुलिस ने फरार हुए साथी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं, जो ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर रही हैं।
- आगे की पूछताछ: कौशल गुर्जर से पूछताछ जारी है, जिसमें अजमेर, उज्जैन, और अन्य स्थानों पर हुई लूट की वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
स्थानीय और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया
कौशल गुर्जर के एनकाउंटर की खबर ने ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं:
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर चिंता भी जताई है। एक स्थानीय निवासी, रमेश यादव ने कहा, "पुलिस ने अच्छा काम किया, लेकिन ऐसे अपराधी बार-बार क्यों पकड़े जाते हैं? सरकार को सख्त कानून लागू करने चाहिए।"
क्षेत्र में अपराध की स्थिति
- ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के महीनों में लूट और डकैती की घटनाएं बढ़ी हैं। कैंसर पहाड़ी, जो ग्वालियर का एक संवेदनशील क्षेत्र है, पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों का गढ़ रहा है। हाल ही में:
- जून 2024: ग्वालियर के सिटी सेंटर में सट्टेबाजी और जुआ के एक रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया, जिसमें 4 लाख रुपये से अधिक नकद और हथियार बरामद हुए।
- जून 2024: विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक महिला से सोने की चेन लूट की घटना में एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार किया गया, जिसके खिलाफ गुजरात और ग्वालियर में कई मामले दर्ज थे।
अब आगे क्या होगा?
कौशल गुर्जर की गिरफ्तारी से पुलिस को मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई कई लूट की वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। हालांकि, उसका साथी अभी भी फरार है, जिसके कारण पुलिस पर दबाव है। इसके अलावा, क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों ने पुलिस प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े किए हैं:
- कुख्यात अपराधियों पर नकेल कसने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की जरूरत।
- संवेदनशील क्षेत्रों जैसे कैंसर पहाड़ी में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता।
- लूट और डकैती की घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी संसाधनों जैसे सीसीटीवी और ड्रोन का उपयोग।












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