Betul News: भाई बनकर घर में घुसा और रच दी 15 लाख की सुपारी किलिंग, व्यापारी मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा
Betul MP News: जिसे राखी बांधकर बहन ने भाई बना लिया, उसी 'भाई' ने 15 लाख रुपए में उसकी पति की सुपारी देकर हत्या करवा दी। बैतूल में कृषि उपकरण व्यापारी अशोक पवार की हत्या का जब पुलिस ने खुलासा किया, तो न सिर्फ परिवार बल्कि खुद अफसर भी हैरान रह गए।
हत्या की साजिश किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं बल्कि एक महावत ने रची थी, जिसे मृतक की पत्नी अपना भाई मानती थी।

15 साल पुरानी कहानी निकली हत्याकांड की जड़
इस वारदात की कहानी आज से करीब 15 साल पहले की है। मृतक अशोक पवार की पत्नी बबीता का छोटा भाई बबलू अचानक गायब हो गया था। वर्षों तक खोजबीन के बाद भी बबलू का कोई सुराग नहीं मिला। कुछ समय बाद बबीता के मायके में एक महावत विनेश गिरी पहुंचा, जो हाथी लेकर भीख मांगने का काम करता था। शक्ल-सूरत में वह खोए हुए भाई जैसा लगा, तो परिवार ने उसे 'बबलू' मानकर अपना लिया।
घर-परिवार के विवादों की भनक लगी तो रच डाली खौफनाक साजिश
भाई बने विनेश का परिवार में आना-जाना बढ़ा और धीरे-धीरे उसे बबीता और अशोक के बीच के पारिवारिक विवादों की जानकारी मिलने लगी। खासतौर पर बबीता के भाई जगदीश का अशोक और उसके भाई रमेश से लंबे समय से झगड़ा चला आ रहा था। इसी विवाद को मौका बनाकर विनेश ने अशोक को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
15 लाख की सुपारी और संपत्ति का लालच
पुलिस के मुताबिक, विनेश ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अपने रिश्ते के भाई राजेश गिरी को 15 लाख रुपए देने का लालच दिया। इतना ही नहीं, विनेश ने यह भी वादा किया कि जगदीश की संपत्ति में भी हिस्सा दिलवाएगा। इसके बाद दोनों ने एक सुपारी किलर की तलाश शुरू की, जो उन्हें मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में मिला।
होटल में छिपकर की रेकी, फिर दुकान में घुसकर मारी गोली
14 मार्च को राजेश और किलर बैतूल पहुंचे और दो अलग-अलग होटलों में छिपकर अशोक पवार की दुकान की रेकी करने लगे। आखिरकार 19 मार्च की रात 9:25 बजे दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। राजेश दुकान के बाहर निगरानी करता रहा और किलर ने भीतर जाकर अशोक को देशी कट्टे से गोली मार दी। हत्या के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
डिलीट किया गया धमकी भरा मैसेज बना सुराग
एसपी निश्चल एन झारिया के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को अशोक पवार के मोबाइल से जनवरी महीने में भेजा गया एक डिलीट मैसेज मिला। जब साइबर एक्सपर्ट्स ने इसे रिकवर किया, तो उसमें 'बाबा' नाम से धमकी दी गई थी। पुलिस ने जब 'बाबा' की पड़ताल की, तो कहानी का रहस्य खुल गया और महावत विनेश का नाम सामने आ गया।
एक आरोपी फरार, मुख्य शूटर की तलाश जारी
पुलिस ने अब तक विनेश गिरी गोस्वामी और राजेश गिरी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति हिरासत में है। मुख्य शूटर फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में खरगोन सहित कई जिलों में दबिश दे रही है।
सीसीटीवी फुटेज भी आया सामने
गुरुवार को इस हत्याकांड का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें दुकान के बाहर राजेश की मौजूदगी और भीतर किलर के दाखिल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार शूटर को भी पकड़ लिया जाएगा।
वारदात के बाद बेफिक्र होकर मंदिर में रुके
पुलिस के मुताबिक, अशोक की हत्या करने के बाद आरोपी बेहद शांति से दुकान से निकले। हत्या के तुरंत बाद दोनों आरोपी पैदल सड़क पर चलते हुए CCTV में कैद हुए। कुछ दूर जाकर उन्होंने अपने खून लगे कपड़े बदले और रात बिताने के लिए बैतूल के पास स्थित एक पुराने मंदिर में जाकर ठहर गए। हैरत की बात यह थी कि वारदात के बाद भी आरोपियों में कोई घबराहट नहीं दिखी।
सुबह होते ही मुख्य शूटर फरार, पुलिस मंदिर से पहुंची कातिलों तक
हत्या के बाद पुलिस ने जब अशोक के मोबाइल से डिलीट किया गया धमकी भरा मैसेज रिकवर किया और उस नंबर की लोकेशन ट्रैक की, तो टीम सीधे मंदिर तक पहुंच गई। वहां से विनेश गिरी और राजेश गिरी को दबोच लिया गया। फिलहाल, पुलिस ने एक और आरोपी को हिरासत में लिया है, जिसने शूटर को हायर करने में मदद की थी। मुख्य शूटर अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें खरगोन सहित कई जिलों में दबिश दे रही हैं।
तलाक और पारिवारिक रंजिश बनी हत्या की वजह
जांच में खुलासा हुआ है कि इस हत्याकांड के पीछे पुरानी पारिवारिक रंजिश और तलाक की कहानी भी जुड़ी है। बबीता के भाई जगदीश का अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। जगदीश का मानना था कि इस तलाक के पीछे अशोक पवार और उसके भाई रमेश का हाथ है। दूसरी ओर, बबीता अकसर अपने पति अशोक और ससुराल पक्ष के झगड़ों की बात महावत विनेश को बताया करती थी। विनेश इन बातों से अशोक से खफा रहता था और इसी गुस्से में उसने पूरी साजिश रच दी।
महावत से बना कातिल, घर का भाई बनकर किया विश्वासघात
महावत विनेश गिरी गिरी गोस्वामी की कहानी किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं। करीब 15 साल पहले जब वह बबीता के मायके में पहुंचा तो परिवार ने उसे अपना खोया हुआ भाई मान लिया। धीरे-धीरे विनेश ने परिवार का विश्वास जीत लिया और अशोक पवार की गतिविधियों पर नजर रखने लगा। पारिवारिक दुश्मनी को भुनाकर उसने राजेश और एक सुपारी किलर के साथ मिलकर अशोक को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार कर लिया।
कॉल डिटेल से जुड़े कई और राज
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इस हत्याकांड की जांच में कई बड़े सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने सदन में मांग की थी कि आरोपियों के नार्को टेस्ट और CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) की जांच करवाई जाए। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को आरोपियों के कॉल डिटेल से कुछ और लोगों के नाम भी मिले हैं, जिनसे पूछताछ की तैयारी चल रही है।
कहानी में अभी कई परतें बाकी
फिलहाल पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है, लेकिन केस में अभी कई परतें बाकी हैं। पुलिस को शक है कि इस साजिश में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। खासतौर पर संपत्ति विवाद और पारिवारिक झगड़े के एंगल को लेकर अब पुलिस और गहराई से जांच कर रही है।












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