MP: बुंदेलखंड की पारंपरिक वेषभूषा में लिए गोल्ड मेडल, डॉ. गौर यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह
मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि में दीक्षांत समारोह में बुंदेली परिधान में सज-धजकर विद्यार्थियों ने मेडल और उपाधि ली। इस दौरान दिल्ली से कुलाधिपति डॉ. बलवंतराय जानी ने विद्यार्थियों को संबोधित कि

डॉ. हरीसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय सागर का 31वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयन्ती सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में 54 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 11 अध्ययनशालाओं के यूजी, पीजी और पी-एचडी के विद्यार्थियों को मिली उपाधि प्रदान की गई। आयोजन में कुलाधिपति डॉ. बलवंतराय जानी, भारतीय भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली (AIU) की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल विशेष रूप से शामिल हुए।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति प्रो. बलवंतराय शांतिलाल जानी ने कहा कि दीक्षान्त समारोह में उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी राष्ट्रप्रेम को सर्वोच्च स्थान देते हुए भारत के निर्माण में संलग्न हों, ऐसी मेरी कामना है। विश्वविद्यालय भारतीय दृष्टिकोण से विकास कर रहा है। सभागार में मौजूद विद्यार्थियों की पोशाक के माध्यम से बुन्देली अस्मिता के साथ भारतीय अस्मिता को स्थान मिला है। उन्होंने कहा की भारतीय मेधा को बढ़ाने में भारतीय आहार भी अपनी भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रारूप निर्माण के लिए डॉ. हरीसिंह गौर को उनकी भारतीय सोच के लिए चुना गया था। प्रो.जानी ने डॉ. गौर के जीवन संघर्षों को याद करते हुए बताया कि डॉ. गौर ने ज्ञान को मनुष्य के उन्नति का मूल और भाषा को साधन मानते हुए अपने द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन के केंद्र की शुरुआत की।

विशिष्ट अतिथि भारतीय विश्वविद्यालय संघ नई दिल्ली (AIU) की महासचिव डॉ. पंकज मित्तल ने मेडल और उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए बधाई देते हुए कहा कि सांस्कृतिक गतिविधि से लेकर मूक कोर्स के निर्माण तक विवि हर क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने पांच आयामों की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को उनके आने वाले समय के अवसरों से परिचित करवाया।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थी चेतना और संवेदना के ध्वजवाहक बनें: कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति यात्रा को विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. गौर के संकल्पों और आदर्शों पर चलकर यह विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति कर रहा है। विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है। विज्ञान और समाज विज्ञान के शिक्षकों को कई शोध परियोजनाएं अनुदान प्रदान करने वाली संस्थाओं द्वारा स्वीकृत की गईं हैं। शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने कई अवार्ड हासिल किये हैं. सांस्कृतिक परिषद् के माध्यम से विद्यार्थियों ने कई पुरस्कार हासिल किये हैं और विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई है।
विश्वविद्यालय ध्वज के साथ हुआ दीक्षांत शोभायात्रा का आगमन
समारोह में विश्वविद्यालय ध्वज के साथ दीक्षांत शोभायात्रा का स्वर्ण जयन्ती सभागार में आगमन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. बलवंत शांतिलाल जानी, कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय कार्यपरिषद एवं विद्या परिषद् के सदस्य इस शोभायात्रा में सम्मिलित हुए।












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